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राहुल गांधी की अपने नेताओ को दी सलाह न डरे राफेल पर अम्बानी से

कई दौर की बैठक और इसमें कागजात जुटा रही टीम के साथ पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढ़ा गया है. कांग्रेस इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का बड़ा मुद्दा मानती है और आगे वह इस पर और विस्फोटक खुलासा करेगी.

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राहुल गाँधी अब आर पार के मूड में नज़र आने लगे हैं . उन्होंने अपने नेताओं से कहा हैं की वो अब बिना झिझके और बिना डरे राफेल का मुद्दा जोर शोर से उठाये .

यहाँ गौरतलब हैं की  राफेल का भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए रिलायंस समूह के प्रमुख अनिल अंबानी पार्टी नेताओं के खिलाफ जो विभिन्न अदालतों में मुकद्दमे करा रहे हैं उनसे डरने की जरूरत नहीं हैं

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ऐसा पहली बार हो रहा हैं आरोप सरकार पर लग रहे हैं और एक निजी क्षेत्र की कम्पनी आरोपों पर सफाई देने के स्थान पर नेताओं को कानूनी नोटिस भेजने की धमकी दे रही हैं .

रिलायंस ने कांग्रेस के प्रवक्ताओं को ही मानहानि के लिए अधिक जिम्मेदार बताया है. वैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद, पी. चिदम्बरम, मल्लिकार्जुन खडग़े, आनंद शर्मा, अभिषेक सिंघवी, रणदीप सुरजेवाला, पवन खेड़ा राफेल को भ्रष्टाचार करार देते हैं.

इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी महासचिवों और प्रदेश अध्यक्षों को कह दिया है कि उनके ऊपर जो भी मुकद्दमे होंगे उन्हें कांग्रेस पार्टी का लीगल सैल लड़ेगा.

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हाल ही में जब कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल के भ्रष्टाचार को गांव-गांव तक ले जाने के लिए महासचिवों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक बुलाई थी तो उसमें महाराष्ट्र के अध्यक्ष समेत कुछ नेताओं ने रिलायंस की तरफ से मुकद्दमे होने को लेकर चिंता जताई थी.

दिलचस्प यह है कि राफेल के मुद्दे को सबसे ज्यादा उठाने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मुकद्दमे का साहस रिलायंस समूह अब तक नहीं दिखा सका है। आगे भी उसका इरादा राहुल गांधी को अदालत में खींचने का नहीं है।

कांग्रेस ने रिलायंस का नाम लिए बिना कहा है कि वह झूठ बोल रही है, राफेल के कलपुर्जे वह ही बनाएगी. कांग्रेस  पार्टी का यह भी कहना है कि डिसॉल्ट कम्पनी से रिलायंस का ऑफसैट करार हुआ है, वह सरकार की कृपा के आधार पर ही हुआ क्योंकि इस तरह के करार एक तरह से सरकारी गारंटी के बिना नहीं हो सकते .

कांग्रेस का  यह भी दावा है कि अभी जो राफेल विमान आ रहे हैं उनमें रिलायंस को कलपुर्जे व अन्य सामान बनाने के लिए 30 हजार करोड़ रुपए का काम मिला है, आगे उसे 50 साल तक राफेल बनाने और उसके रख-रखाव के लिए 1 लाख करोड़ रुपए मिलेंगे.

पार्टी सूत्रों  का कहना है कि उसके सवाल राफेल में भ्रष्टाचार को लेकर सरकार से हैं इसलिए वह रिलायंस को कोई जवाब नहीं देना चाहती.कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने राफेल का मुद्दा बहुत ठोक-बजाने के बाद हाथ में लिया है और कांग्रेस इस पर किसी भी तरह की बहस के लिए तैयार है।

कांग्रेस पार्टी के मुताबिक कई दौर की बैठक और इसमें कागजात जुटा रही टीम के साथ पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढ़ा गया है. कांग्रेस इसे सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का बड़ा मुद्दा मानती है और आगे वह इस पर और विस्फोटक खुलासा करेगी.

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