Hindi News, Today's Latest News in Hindi, News - हिन्दी समाचार

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की चर्चा विदेशी मीडिया में इन मुद्दों को ले कर ज्यादा हुई

कथित बुद्दिजीवियो की नींद उतार दी ,जो दिन रात मीडिया पर बैठ कर भगवा रंग के विचारों की जुगाली और जुगल बंदी करते नज़र आते थे .

0 810

 

संघ का मुखोटा 

राहुल गाँधी ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान ऐसे दस मुद्दों पर बात की जिनको विदेशी मीडिया में खूब जगह मिली . राहुल गाँधी से मिलने वाले और उनसे सवाल पूछने वाले छात्रो के लिए ये राहुल गाँधी बिलकुल लगा थे .राहुल गाँधी ने संघ के चेहरे से सामाजिक संगठन का नकाब अपने थोड़े से शब्दों और समझ से उतार फेंका .

उन्होंने संघ की परिकल्पना और विचारधारा की तुलना अरब देशो के ब्रोदर हुड संगठन से कर ,कथित बुद्दिजीवियो की नींद उतार दी ,जो दिन रात मीडिया पर बैठ कर भगवा रंग के विचारों की जुगाली और जुगल बंदी करते नज़र आते थे .

अरब के इतिहास को ले कर मिश्र के इतिहास के पन्नो को उल्टा पलता जाने लगा . गूगल पर मुस्लिम ब्रोदर हुड हैं क्या समझने के लिए ये शब्द पहले स्थान पर रेंक करने लगा था . जब समझ आया तब शायद राहुल गाँधी के ब्यान पर चलने वाली चर्चाये मीडिया से गधे के सर के सींग की तरह गायब हो गयी .

पूर्व आग्रह से ग्रसित संघ के जानकार जब तक समझ पाते गहरी चोट सियासी हो गयी थी .अब पछताए होत क्या जब राहुल चुग गये खेत ?

राहुल गाँधी ने एक चर्चा को आयाम दिया था . भले ही उसकी टाइमिंग को ले कर सवाल उठे . इस तरह की टिप्पड़िया ऐतहासिक धरोहर बन जाती हैं .

 

 

 

समाजवादी पार्टी की महिला प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने दुखी मन से लिया फैसला

सिख दंगो पर राहुल गाँधी का सीधा और स्पष्ट ज़बाब

It was a tragedy, it was a painful experience. You say that the Congress party was involved in that, I don’t agree with that. Certainly there was violence, certainly there was traged

राहुल गाँधी ने उसे के दर्दनाक हादसा बताते हुए कहा की कांग्रेस का उन दंगो से कोई लेना देना नहीं था . कांग्रेस पार्टी की इसमें कोई भागीदारी नहीं थी . हम इस तरह की हिंसा का समर्थन भी नहीं करते . भाजपा की बैचैनी बढती जा रही थी . जैसे जैसे राहुल गाँधी एक बड़ी लकीर को और बड़ा कर रहे थे यूरोप में ..

 पी एम् मोदी सहित अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप पर उन्होंने नीतिगत प्रहार

संयुक्त रूप से कुछ इस तरह से किया .पूरा विश्व दो खेमो में बनता हुआ साफ़ साफ़ नज़र आने लगा . राहुल गाँधी ने कहा की लोकप्रियता ज्यादा हैं दोनों के पास ,लेकिन उनके पास गुस्सा हैं युवाओं के लिए रोजगार नहीं

आम आदमी छोड़ चुके आसुतोष और आशीष खेतान हो सकते हैं कांग्रेस में शामिल
नोट बंदी 

इस फैसले को राहुल गांधी ने आर एस एस का विचार बताया एक ऐसा निर्णय जिसमे वित्तमंत्रालय और रिजर्व बेंक ऑफ़ इंडिया को भी नज़र अंदाज़ किया गया .पी एम् मोदी के दिमाग में ये आइडिया डाला गया .

विजय माल्या 

जहां तक ​​श्री माल्या का संबंध है, भारतीय जेल बहुत साफ़ सुथरी  हैं . भारतीय लोगों के लिए न्याय समान होना चाहिए. सिर्फ इसलिए कि वह विजय माल्या हैं जिन्होंने 9,000 करोड़ रुपये की बैंकों को धोखा दिया और भाग गया और उन्हें  कड़ी सजा  की जरूरत है .

यदि आप 21 वीं शताब्दी में लोगों को कोई वीजन  नहीं देते हैं, तो  विकास प्रक्रिया से बड़ी संख्या में लोगों को छोडा जा सकता हैं जिसका  का वास्तविक खतरा है. असंतुलन  21 वीं शताब्दी में लोगों को विकास की प्रक्रिया से  बाहर करना बहुत खतरनाक है।

नफरत 

राहुल गाँधी ने कहा

घृणा एक विकल्प है, और नफरत  दुनिया में एक खतरनाक चीज है। 
कांग्रेस पार्टी में, हम लोगों को एक साथ ले कर चलते हैं . 
हम परिवर्तन प्रक्रिया में हमारे साथ जितने संभव हो उतने लोगों को ले जाते हैं। 
आज दुनिया में बहुत नफरत है, लेकिन सुनने को कोई तैयार नहीं हैं  
सुनना बहुत शक्तिशाली है, और यह दुनिया को बदल सकता है.
लोकसभा 2019

कांग्रेस अध्यक्ष ने अगले चुनावों के बारे में कहा ये चुनाव अपने आप में अनोखा होगा जिसमे पूरा विपक्ष एक साथ भाजपा से मुकाबला करेगा .

बिहार की सियासत में घमासान कुशवाहा एन डी ए छोड़ थामेंगे महागठबंधन का साथ

 

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.