Hindi News, Today's Latest News in Hindi, News - हिन्दी समाचार

दिग्विजय सिंह नहीं करेंगे कांग्रेस के एम्.पी. में इस विधायक का चुनाव प्रचार

एक मात्र ऐसे नेता हैं जो शब्द कह दें उनका पालन वो पूरी मर्यादा के साथ करते हैं .अब उन्होंने एक नया ब्यान मीडिया में दिया जिसको सुन हर कांग्रेसी भौचक्का रह गया .

0 724

दिग्गी राजा या उनको राजा दिग्विजय सिंह कह लो या कांग्रेस के युवाओं का अम्रत कुंड जो उनको दिशा और जीवन दोनों प्रदान करता हैं . एक मात्र ऐसे नेता हैं जो शब्द कह दें उनका पालन वो पूरी मर्यादा के साथ करते हैं .अब उन्होंने एक नया ब्यान मीडिया में दिया जिसको सुन हर कांग्रेसी भौचक्का रह गया .

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह भी कांग्रेस से विधायक हैं . यह सही है कि दिग्गज नेताओं के यह पुत्र अब स्थापित हो गए हैं. जनता के भरपूर समर्थन और अपने कार्यो से अपनी क्षेत्र की जनता के दिलो पर वो राज़ करते हैं .

सांझी विरासत में छा गया राहुल गांधी का तंज़ भरा भाषण बना चर्चा का विषय

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने गुरुवार कहा है कि मैं कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह के लिए चुनाव प्रचार नहीं करूंगा. यह बात उन्होंने अपने बेटे जयवर्धन सिंह के लिए कही है. उनके बेटे फिलहाल राघोगढ़ से कांग्रेस के विधायक हैं.

राजा दिग्विजय सिंह चुनाव समन्वय समिति के चेयरमैन होने के नाते वे सभी जिलों में यात्राएं करके सभी गुटों के साथ समन्वय कर रहे हैं. इसी कारण वे अपनी पुरानी छवि को भी बदलना चाहते हैं. क्योंकि पहले वे दस सालों तक चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा  कर चुके थे. इसके बाद नर्मदा यात्रा पर निकल गए. उसके बाद भी अनुमान  लगाए जा रहे थे कि वे दोबारा से चुनाव लड़ेंगे. लेकिन, उन्होंने यह कहकर सभी को चौंका दिया था कि वे मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल नहीं होंगे.

मध्यप्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति के चेयरमेंन दिग्विजय सिंह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा है कि मैं उनके लिए प्रचार नहीं करूंगा. श्री  सिंह ने कहा कि अब राघोगढ़ की जनता और जयवर्धन जानें.

भाजपा का  परिवार वाद बनाम कांग्रेस

इस बार नेता पुत्रों की नई खेप  तैयार हो रही है जो आने वाले चुनाव में किस्मत आजमा सकती है. इनमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान का नाम भी सबसे आगे हैं.

माना जा रहा है कि कार्तिकेय इस बार बुदनी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं. पिछली बार ही सीएम शिवराज सिंह ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और माना जा रहा था कि एक सीट वे छोड़ देंगे और कार्तिकेय को चुनाव लड़वाएंगे.  परिस्थिति ऐसे ही  नहीं बनी .

अटल फूट फूट रोये थे पंडित नेहरु के निधन पर,संसद में दिया था ऐतहासिक भाषण

भाजपा नेता और मध्यप्रदेश के मंत्री रहे कैलाश विजयवर्गीय भी भाजपा संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. मालवा क्षेत्र में दबदबा रखने वाले विजयवर्गीय भी अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय को राजनीति में लांच कर सकते हैं.

पिछले दिनों कई सभाओं में आकाश को सक्रिय रूप से देखा गया है.शिवराज कैबिनेट में पंचायत मंत्री और सागर जिले के विधायक भी अपने बेटे को राजनीति में लाना चाहते हैं.

पिछले चुनाव 2014 में ही उनहोंने अभिषेक भार्गव को चुनाव लड़ाना चाहा था, लेकिन टिकट नहीं मिलने से निराश हो गए थे। इस बार भी वे अपने बेटे को विधानसभा चुनाव लड़ाने का प्रयास करेंगे.केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता नरेंद्र सिंह तोमर भी अपने बेटे को चुनावी मैदान में उतारना चाहते हैं। उनके बेटे देवेंद्र प्रताप सिह भी इस चुनाव में उतरने की तैयारी कर रहे हैं .

अजात शत्रु पूर्व पी एम् अटल बिहारी वाजपेयी आज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं

पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी शिवराज मंत्री मंडल में शामिल हैं।

.पूर्व मुख्यमंत्री वीरेंद्र सखलेचा के पुत्र ओमप्रकाश सखलेचा भी विधायक हैं।

.इसी प्रकार भाजपा नेता गोविंदनारायण सिंह के बेटे ध्रुवनारायण सिंह भी भोपाल से विधायक रह चुके हैं।

टिकट की रेस में हैं ये नेता पुत्र

.जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्र के बेटे सुकुर्ण मिश्र।

कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन की बेटी मौसम बिसेन।

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर की बहू कृष्णा गौर.

सागर से सांसद लक्ष्मी नारायण यादव के बेटे सुधीर यादव।

सांसद नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान

.वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार का बेटा मुदित शेजवार

वित्तमंत्री जयंत मलैया का बेटा सिद्धार्थ मलैया

राजनीति में वंशवाद नई बात नहीं है. वंशवाद का यह नजारा 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव और 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में देखने को मिलेगा. इन दोनों ही चुनावों में नेताओं के पुत्र और रिश्तेदारों की संख्या ज्यादा नजर आएगी.

विधायक-सांसद बन गए दिग्गजों के बेटे जो जनता ने चुने नकारा नहीं हैं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे अर्जुन सिंह के पुत्र कांग्रेस नेता अजय सिंह फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष हैं,तत्कालीन केंद्रीय मंत्री माधव राव सिंधिया के पुत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस से सांसद है.

अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया उज्जैन से लडे तो भाजपा को होगा भारी नुक्सान

 

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.