Azadmanoj
Hindi News, Today's Latest News in Hindi, News - हिन्दी समाचार

गुजरात में सियासी हलचल तेज़ ,क्या बाघेला समर्थक गिरा देंगे भाजपा की सरकार

पी एम् मोदी की गलतबयानी बार बार उनके मुख पर पड़े कई नकाबो में से एक नकाब रोज उतार देती हैं . भाजपा के सहयोगी दल अब दूर छिटकने लगे हैं

0 2,567

लोकसभा 2019 चुनावों को ले कर सियासत की मोम चालबाजियो की गर्माहट से पिघलने लगी हैं . कांग्रेसाध्यक्ष राहुल गाँधी  की सक्रियता और पी एम् मोदी की गलतबयानी बार बार उनके मुख पर पड़े कई नकाबो में से एक नकाब रोज उतार देती हैं . भाजपा के सहयोगी दल अब दूर छिटकने लगे हैं .

राहुल गाँधी के काले धन पर सवाल से पगलाए भाजपा नेताओ से ले प्रवक्ता

भाजपा की सहयोगी पार्टियों के ऊपर से मोदी लहर का खुमार उतरने लगा हैं . भाजपा भले ही मीडिया को इस्तेमाल कर अपनी तरफ से बेहूदी पुराणी चाले चल रही हो ,उससे उसकी ही छेछालेदारी हो रही  हैं . चाहे सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो जारी करना रहा हो ,या फिर श्ररी राम जन्म भूमि जा कर योगी जी द्वारा मंदिर पर दावा करना .

कांग्रेस को केंद्र में ला कर किये जा रहे हमले अब कांग्रेस के लिए ही लाभ कारी साबित  हो रहे हैं .सहयोगी दल भी अब किसी दुसरे या फिर तीसरे विकल्प पर सोचने को मजबूर हो गए हैं . ऐसा ही अब गुजरात की राजनीति में हो रहा हैं . बाघेला ग्रुप ने सियासी उठा पटक की तैयारी कर ली हैं

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रावत का तानाशाही फरमान ,शिक्षिका को न्याय के बदले जेल

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले शंकर सिंह वाघेला के समर्थकों की एक गुप्त बैठक शनिवार को यहां हुई। इससे गुजरात की राजनीति में गर्माहट आ गई है. सर्किट हाउस में आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण नेता शामिल थे. आगामी चुनाव को देखते हुए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. बैठक का एजेंडा क्या था, किसी को पता नहीं हैं .
इस गुप्त बैठक का उद्देश्य क्या था, किसी को पता नहीं, पर यह सच है कि गुजरात की राजनीति के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस बैठक में शंकर सिंह वाघेला के बेटे महेंद्र सिंह वाघेला, सीके राऊलजी, रामसिंह परमार, राघवजी पटेल, अमित चौधरी, मानसिंह चौहान समेत कई अन्य नेता शामिल थे.

घबराए मोदी और शाह ने राहुल गाँधी के खिलाफ दुष्प्रचार में सारी हद लांघ दी हैं

यहाँ गौरतलब हैं की बाघेला समर्थको ने पिछले साल कांग्रेस से नाता तोड़ा था . गुजरात में अगस्त 2017 में राज्यसभा के चुनाव के समय शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस से नाता तोड़ लिया था. अपने साथ 14 विधायकों को लेकर उन्होंने भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी. अगले साल गुजरात में विधानसभा चुनाव हैं, इसे देखते हुए वाघेला गुट की सक्रियता क्या गुल खिलाएगी, यही देखना है.

गुप्त सूत्रों की माने बाघेला समर्थक नेता कभी भी कांग्रेस के पाले में टूट कर आ सकते हैं . ऐसे में भाजपा की सरकार का गुजरात में बने रहना मुश्किल हो जाएगा .

Leave A Reply

Your email address will not be published.