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In side story मध्य प्रदेश में राहुल गांधी ने कैसे दी मात अमित शाह की सियासत को

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने माध्य प्रदेश की राजनीति में भाजपा के शाह को बहुत बड़ी मात दी हैं . वो भी ऐसी रणनैतिक मात . जिससे अमित शाह सिर्फ अपना ,माथा और शिवराज चौहान को इसका दोष दे रहे हैं .

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने माध्य प्रदेश की राजनीति में भाजपा के शाह को बहुत बड़ी मात दी हैं . वो भी ऐसी रणनैतिक मात . जिससे अमित शाह सिर्फ अपना ,माथा और शिवराज चौहान को इसका दोष दे रहे हैं .अमित शाह को भले ही गोदी मीडिया भाजपा का चाणक्य बताता हो . इसके उलट उनके फैसलों का नुक्सान मध्यप्रदेश भाजपा को जबरदस्त हुआ हैं .मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने भोपाल में अस्थायी रूप से डेरा डालने की योजना बना ली थी.

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में अमित शाह के लिए एक बंगले को तैयार करके चुनारी वार रूम का रूप भी दे दिया गया था . यह तय किया गया था कि अमित शाह 3 जून से भोपाल में ही डेरा डालेंगे और इन तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने के बाद ही भोपाल से हिलेंगे.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को  अमित शाह की योजना की भनक मिली, तो राहुल गांधी ने मंदसौर आने और रैली करने का कार्यक्रम बना डाला . घेरावंदी कुछ ऐसे की गयी .

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6 जून को मंदसौर में पुलिस गोली से मरने वाले 6 किसानों की पहली बरसी थी. राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि वे मंदसौर आकर किसानों की रैली को संबोधित करेंगे.

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी की यात्रा को लेकर ऐसा माहौल बना दिया था कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक सप्ताह केवल राहुल गांधी की यात्रा का तोड़ निकालने में ही लग गया.

अमित शाह की सारी योजना का पलीता लग गया .

राहुल गांधी के इस कार्यक्रम में मंच की अनुमति से लेकर आयोजन में होने वाली भीड़ तक को इकट्ठा होने से रोकने की कवायदें शुरू की गयी . शिवराज चौहान अमित शाह का दखल मध्य प्रदेश में नही चाहते लिहाज़ा राहुल गाँधी के बहाने उन्होंने अमित शाह को उनका प्रोग्राम टालने की सलाह दे डाली .

किसान महासंघ में 1 से 10 जून तक गांवबंदी चालू कर दी थी, जिसके तहत गांव से दूध और सब्जी आदि शहरों में लाकर बेचने पर रोक का प्रस्ताव था। ऐसी दशा में भाजपा के सिपहसालारों ने अमित शाह को सलाह दी कि किसान आंदोलन और राहुल गांधी की यात्रा के चलते कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया जाए.

मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष राकेश सिंह ने तत्काल इस मौके को भुनाया और अमित शाह के जबलपुर दौरे का कार्यक्रम बनाने में बड़ी भूमिका निभाई. लक्ष्य रखा गया .

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महाकौशल क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की शक्ति को बढ़ाना और इसी को अमित शाह मान गए. 12 जून को अमित शाह ने जबलपुर का दौरा किया .

अमित शाह को पता चला कि मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी गठजोड़ करने वाली है और उसका खामियाजा भारतीय जनता पार्टी को भुगतना पड़ सकता है .

मध्यप्रदेश भाजपा के नेताओं को लगता है कि राहुल गांधी ने मंदसौर आकर अच्छा किया. कम से कम अमित शाह का अस्थायी डेरा तो भोपाल में होने से टल गया. अमित शाह मध्यप्रदेश के बारे में जो फैसले देते है. इससे मध्यप्रदेश भाजपा में कई बार भूचाल आ जाता  है.

चाहे वह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और मंत्री सरताज सिंह को हटाने का मुद्दा हो या मध्यप्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पद पर लगभग तय माने जा रहे नरोत्तम मिश्रा की जगह राकेश सिंह को अध्यक्ष बनाने की बात .

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