Azadmanoj
Hindi News, Today's Latest News in Hindi, News - हिन्दी समाचार

सुप्रीम कोर्ट ने येदीयूरप्पा की राज्यपाल को लिखी चिट्ठी कोर्ट में तलब की

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में 104 सीटों के साथ है, जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिलीं. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी और कर्नाटक प्रज्ञयवंथा जनता पार्टी को क्रमशः 1-1 सीटें मिली हैं.

0 277

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों में 104 सीटों के साथ है, जबकि कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 37 सीटें मिलीं. इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी और कर्नाटक प्रज्ञयवंथा जनता पार्टी को क्रमशः 1-1 सीटें मिली हैं. इनके अलावा एक सीट अन्य के हिस्से में भी आई है. कर्नाटक में 222 सीटों पर मतदान हुआ था, बहुमत के लिए 112सीटों की आवश्यकता हैं .

इसके ठीक उलट कर्नाटक के राज्यपाल ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर दिया . जल्द वाजी में लिए गये निर्णय  भाजपा का सत्ता के लिए उतावला पन जाहिर कर रहा था .

भाजपा की हडबडी ,राज्यपाल की हड़बड़ी ,राहुल गाँधी से डर गया पी एम् मोदी

बुधवार देर शाम सामने आए घटनाक्रम में राज्यपाल की ओर से बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का मौका देने की बात सामने आई. उन्हें बहुमत साबित करने के लिए 21 मई तक का समय दिया गया है.

इस मामले पर कर्नाटक में मौजूद पार्टी के सीनियर नेता अशोक गहलोत ने कहा कि राज्यपाल पर बीजेपी अध्यक्ष और पीएम का दबाव है. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला दबाव में काम कर रहे हैं.

अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गुजरात में राज्य सभा चुनाव में मिली हार का बदला लेने की भावना से काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बहुमत कांग्रेस के साथ है तो इस लिहाज से उन्हें ही सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.

कर्नाटक में भाजपा के 6 विधायक कांग्रेस के सम्पर्क में ,कांग्रेस नेता का दावा

कांग्रेस की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिदंबरम ने कहा कि राज्यपाल को कानूनसम्मत कदम उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुमत होने के बावजूद हमें सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया. हमने राज्यपाल से मिलकर उन्हें विधायकों के समर्थन की चिट्ठी भी सौंपी थी. हमने इसके साथ ही उन्होंने गोवा के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की कॉपी भी दी थी, जो कि कानून भी है. हमें उम्मीद है कि कानून को नहीं बदला जाएगा.

कांग्रेस के पास अब एक ही रास्ता था की शपथ ग्रहण समारोह पर किसी तरह सर्वोच्च न्यायालय से स्टे मिल जाए . रात को सुप्रीम कोर्ट खुली रात के दो बजे इस मामले को सुना गया . स्टे के मामले पर जजों ने कहा शपथ के लिए बुलाना राज्यपाल का अधिकार हैं . हम राज्यपाल को आर्डर नही दे सकते और न ही रोक सकते हैं . सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर आज दोपहर दो बजे तक वो पात्र मंगाया हैं जो येदीयूरप्पा ने राज्य पाल को लिखा था .पत्र में अगर 116 विधायको का समर्थन हैं तब दावा पक्का अगर नहीं तब शपथ लेने के बाद भाजपा को मुख्यमंत्री की कुर्सी छोडनी होगी .

आज सुबह पांच बजे तक चली सुनवाई में कांग्रेस की और से पैरवी अभिषेक मनु सिंघवी ने की ,उन्होंने अपनी तरफ से कई दलीले दी . साढ़े तीन घंटे तक चली कोर्ट की कार्यवाही में ये साफ़ कर दिया की इस मामले की अगली सुनवाई अब 18 मई को होगी . आशा हैं उस दिन शायद लोकतंत्र की टूटती साँसों को सहारा मिल जाए .

सिद्दारमैया के अतिआत्मविशवास से हारे ,राहुल गाँधी ने किया सर्वश्रेष्ठ : डी शिव कुमार

Leave A Reply

Your email address will not be published.