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कांग्रेस ने दिया भाजपा को बड़ा झटका , बसपा को समर्थन का एलान

दस राज्यसभा सीटों के लिए बसपा की तरफ से पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर ने पर्चा दाखिल कर दिया है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता भीमराव अंबेडकर को चुनावी मैदान में उतारा है.

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दस राज्यसभा सीटों के लिए बसपा की तरफ से पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर ने पर्चा दाखिल कर दिया है. बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता भीमराव अंबेडकर को चुनावी मैदान में उतारा है.भीमराव अंबेडकर 2007 में इटावा से बसपा के टिकट पर विधायक रह चुके हैं.

कांग्रेस के विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने बीएसपी विधायक दल के नेता लालजी वर्मा के साथ बैठक की.

बैठक के बाद कांग्रेस ने बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी पूर्व विधायक भीमराव अंबेडकर को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी हैं .

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समर्थन देने के सवाल पर कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू का कहना है कि सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए हम राज्यसभा में बहुजन समाज पार्टी को वोट देंगे.

यहाँ गौर तलब हैं राज्यसभा की सर्वाधिक दस सीटों के लिए उत्तर प्रदेश में चुनाव संपन्न होने वाले हैं . जिसमें से विधायक संख्या बल के हिसाब से बीजेपी के आठ उम्मीदवारों की जीत तय है. एक सीट सपा के खाते में जाएगी. दसवीं सीट के लिए बसपा ने सपा से समर्थन मांगा है. अब इनको कांग्रेस के सात विधायकों का समर्थन मिल गया है.

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राज्यसभा की सीट जीतने के लिए कुल 37 विधायकों का समर्थन की जरूरत होती है. ऐसे में समाजवादी पार्टी के दस अतिरिक्त के साथ कांग्रेस के सात विधायकों का साथ मिलने से भीमराव अंबेडकर की राह बेहद आसान होती जा रही है. क्योंकि बहुजन समाज पार्टी के 19 विधायकों के साथ अंबेडकर को सपा के अतिरिक्त दस तथा कांग्रेस के सात वोट पक्के हो गए हैं.

यूपी में राज्यसभा दस सीटो में से आठ सीटों पर बीजेपी की जीत पक्की मानी जा रही है. वहीं एक सीट पर सपा को जीत हासिल हो सकती है. वहीं एक अन्य सीट पर बसपा को कांग्रेस से समर्थन मिल गया है. इसे देखते हुए बीजेपी के हाथ  से ये सीट जाना तय है.

कांग्रेस के बसपा को सपोर्ट करने से इस सीटों पर बीजेपी की राह मुश्किल हो गई है. कांग्रेस और बसपा के गठबंधन से बीजेपी नेताओं की नींद उड़ी हुई है.

उत्तर प्रदेश में होने वाले लोकसभा उप चुनाव में सपा-बसपा के समर्थन से बीजेपी पहले ही परेशान थी . अब कांग्रेस के भी साथ हो जाने से भाजपा के मुख्यमंत्री सहित सारे उप मुख्यमंत्री तनाव में आ गए हैं .

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