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राफेल की कीमत का हुआ खुलासा, ताल ठोंक कर किया पी एम् मोदी ने भ्रष्टाचार

मोदी सरकार और भाजपा की केबिनेट मंत्री रक्षा मंत्री से ले कर गडकरी तक ने राफेल डील के खुलासा करने पर इसे देश की सुरक्षा से जुडा  हुआ बताया था . संसद को जानकारी देने से इनकार कर दिया गया था .

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मोदी सरकार और भाजपा की केबिनेट मंत्री रक्षा मंत्री से ले कर गडकरी तक ने राफेल डील के खुलासा करने पर इसे देश की सुरक्षा से जुडा  हुआ बताया था . संसद को जानकारी देने से इनकार कर दिया गया था . पर अब जबकि राफेल लड़ाकू विमान बनाने बाले कंपनी ने खुद ही राफेल डील को अपनी बेब साईट पर डाला हैं .

उसमे भारत को बेचे गए 36 लड़ाकू जहाजों का मूल्य 7.5 बिलियन यूरो दिखाया गया है। मिस्र/कतर को बेचे गए प्रति लड़ाकू जहाज की कीमत 1319.80 करोड़ रुपये है. जबकि भारत को बेचे गए प्रति लड़ाकू जहाज की कीमत 1670.70 करोड़ रुपये है.

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साथ ही सबसे बड़ा खुलासा इस डील को ले कर हुआ हैं वो चौकाने वाला हैं . इस घोटाले ने मोदी सरकार के मुख से ईमानदारी का नकाब उतर गया हैं .

राफेल लड़ाकू जहाजों की निर्माता कंपनी डसॉल्ट एविएशन की तरफ से ‘वार्षिक वित्तीय रिपोर्ट 2017’ में विस्तार से सब कुछ बताया गया है. साल, 2015 में राफेल ने 24 लड़ाकू जहाज दो देशों- मिस्र और कतर को बेचे हैं . भारत ने राफेल जहाज खरीदने के समझौते पर हस्ताक्षर 23 सितंबर, 2016 को किया था . इस करार ने पिछली सरकार द्वारा किये गए सौदे को रद्द कर दिया था .

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पृष्ठ 6 और 7 में मिस्र, कतर और भारत को बेचे गए राफेल जहाजों की कीमत का खुलासा किया गया है। 48 लड़ाकू जहाजों (24 मिस्र को और 24 कतर को) का मूल्य 7.9 बिलियन यूरो बताया  है.

इस तरह से यूपीए के साथ हुए समझौते के मुताबिक प्रति जहाज के हिसाब से देश को तकरीबन 1150 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. परन्तु  खरीद मूल्य को लेकर सरकार ने बिल्कुल चुप्पी साध रखी है.

मोदी सरकार ने 23 सितंबर, 2016 को फ्रांस के साथ इंटर-गवर्नमेंटल एग्रीमेंट (IGA) किया था. जिसका ढिढोरा पूरे मोदी मीडिया ने देश में सुबह शाम खूब गाया था .

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आईजीए करने का मुख्य प्रारूप बताया गया था की भारत को फ्रांस लड़ाकू विमान खरीदने पर ,उसे और राष्ट्रों को बेचे गए मूल्य से कम होगा . अब  डसॉल्ट एविएशन की 2017 की वार्षिक रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि कतर/मिस्र को कम कीमत में जहाज मिले, तो आईजीए की सार्थकता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं . मोदी जी की ईमानदारी देश के प्रति राष्ट्र के प्रति जो संदिग्ध हैं ,प्रश्न चिन्ह लग गया हैं .

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