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सिंधिया के पीछे जनता पागल , सिंधिया राहुल गाँधी के पीछे पागल ,सवाल दोस्ती का

ज्योतिरादित्य  सिंधिया एक ऐसे नेता हैं जो अपने पिता की विरासत को दुगना कर चुके हैं . अपने भाषणों में मुंगावली और कोलारस में इसको दिखाया ,भाजपा ने भी देखा मीडिया ने भी देखा ..

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ज्योतिरादित्य  सिंधिया एक ऐसे नेता हैं जो अपने पिता की विरासत को दुगना कर चुके हैं . अपने भाषणों में मुंगावली और कोलारस में इसको दिखाया ,भाजपा ने भी देखा मीडिया ने भी देखा ..

ई वी एम् का जादू भारी जन समर्थन के आगे फेल हो गया …

लेकिन जब जब  सिंधिया अपने भाषण में कोई बात अधूरी छोड़ जनता को इशारा करते जनता उस भाषण का वाक्य अपने आप पूरा कर देती

ये एक भावुक क्षण ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए होता था ..

एक ऐसा नेता जिसने प्रेम अपने पापा के जमाने से कमाया था ,वो अकेला काल जैसा सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान से सवाल कर उसको परास्त कर रहा था .

उसके गूदे में दम नहीं था की ईमानदार राजा का ज़बाब दे पाए ….

सिंधिया जी सेवक बन खुश थे उनको विशवास था अपनी जनता पर ..

वो अभिभूत हो जाते ,और अपने समर्थको के सामने गीली आँखों से कहते ,सांसद भी न रहू ,कुछ भी न रहूँ जनता का विश्वास नहीं टूटने दूंगा ..

कोलारस और मुंगावली की जीत उनके नाम पर हुई ,एक तरफ अकेले सिंधिया और दूसरी तरफ शिवराज चौहान का शासन उसके अधिकारी ..

जिनको बोला गया था भाजपा नहीं जीती तो सोच लेना कहाँ जाओगे  ..

ये सिंधिया ही थे जिन्होंने गुटबाज़ी को ख़ारिज़ कर दिया ये कह कर …

 राज्य में कांग्रेस एकजुट है। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री उम्मीदवार का नाम घोषित करना चाहिए, उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस मुद्दे पर नहीं बोलने वाला क्योंकि मुझे नहीं लगता कि यह बोलना उपयुक्त होगा। यह फैसला महासचिव और कांग्रेस आलाकमान को करना है।’

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पूर्वोत्तर में कांग्रेस की भले करारी हार हुई हो लेकिन पार्टी के नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का मानना है कि 2019 के आम चुनावों के लिए महत्वपूर्ण हिंदी पट्टी में पार्टी के उभर के आने  के बहुत मजबूत संकेत हैं.

हाल में मध्य प्रदेश की मुंगावली और कोलारस विधानसभा सीटों पर पार्टी की जीत से उत्साहित सिंधिया ने कहा कि लोगों ने राज्य में 14 साल के भाजपा शासन को खत्म करने का फैसला कर लिया है.

इस साल चुनाव में  मध्य प्रदेश के लिए कांग्रेस के मुख्यमंत्री पद के अग्रणी उम्मीदवारों में देखे जा रहे सिंधिया ने राज्य में शिवराज सिंह चौहान सरकार को हटाने के लिए “समान विचारवाले दलों” से हाथ मिलाने का भी अनुरोध किया है.

मीडिया को दिये साक्षात्कार में सिंधिया ने स्पष्ट किया ….

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‘‘लेकिन, यह सच है कि भाजपा किसी भी तरह सरकार बनाने में विश्वास रखती है और विधानसभा में महज दो सीट पाने वाली पार्टी ने सरकार बनाने के लिए सारा दिमाग लगा दिया  .  त्रिपुरा और नगालैंड में कांग्रेस का खाता नहीं खुला जबकि मेघालय में वह सरकार बनाने में नाकाम रही. भाजपा गठबंधन सरकार बनाकर तीनों राज्यों में सत्ता में आयी.

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