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भाजपा में बबाल ,सुषमा स्वराज के बगावती बोल ,राम नरेश बर्दाश्त नहीं

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने भाजपा का दामन थाम लिया हैं . उसके बाद उन्होंने जया बच्चन को सार्वजनिक रूप से नाचने गाने वाला बता कर,समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया 

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सुषमा स्वराज ने चार साल में पहली बार अपने बगावती तेवर दिखा दिए हैं . राम नरेश अग्रवाल को ले कर भाजपा में सियासी तूफ़ान उठ खड़ा हुआ हैं .

समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद ने भाजपा का दामन थाम लिया हैं . उसके बाद उन्होंने जया बच्चन को सार्वजनिक रूप से नाचने गाने वाला बता कर,समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया  , उन्होंने कहा “उनका कद जया बच्चन से भी छोटा कर दिया गया ” . उनकी जगह राज्यसभा में नाचने गाने वाली जया बच्चन को वरीयता दी गयी .

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भाजपा की विदेश मंत्री मुखर सुषमा स्वराज़  की मोदी शासन काल में आवाज़ गूंगी हो जाने को ले कर गाहे बे गाहे चर्चा का विषय रही हैं . कई मौको पर उन्होंने चुप्पी साध चुप रहना बेहतर समझा हैं .

आज जया बच्चन पर की गयी टिप्पणी को ले कर उन्होंने राम नरेश अग्रवाल की आलोचना की हैं .

रामनरेश अग्रवाल के बारे में कभी भाजपा के आई टी शीर्ष अमित मालवीय ने आई एस आई का एजेंट तक कहा था . राम नरेश अग्रवाल ने पी एम् मोदी को खुले मंच से तेली तक कहा था .

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भगवान् राम पर विवादित टिप्पड़ी भी उन्होंने की थी और हिन्दू देवी  देवताओं का घोर अपमान किया था .

हालांकी सुषमा स्वराज ने  उनका स्वागत ज़रूर किया लेकिन उनके अभद्र ब्यान का साथ छोड़ अपनी असहमति भी जता दी हैं ..

यहाँ आपको बता दे की आज तक किसी भी केन्द्रीय मंत्रीमंडल में शामिल आडवानी समूह के नेता ने इस तरह के बोल नहीं बोले हैं . यशवंत सिन्हा कीर्ती आज़ाद ,शत्रुघन  सिन्हा जम कर मोदी और शाह पर सवाल खड़े करते रहे हैं .

सुषमा स्वराज का खुल कर बोलना शायद भाजपा में अब दो फाड़ की कहानी कह रहा हैं .

यहाँ गौरतलब हैं जायसवाल हमेशा अवसर वादी रहे हैं ऐसे नेताओ ने अपने राजनैतिक दलों का ही नहीं देश में कुर्सी के लिए कभी भी कही भी किसी से भी हाथ मिलाने से परहेज़ नहीं किया .

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ऐसे नेताओं का एक दल को छोड़ दुसरे दल में जाना जो सरकार में हो सत्ता में हो उस दल के युवा कार्यकर्त्ता का मनोबल गिरा देता हैं .

इस बीमारी को जो दल ले जाता हैं अपने बहुत से वफादार और निस्वार्थ जुड़े कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ देता हैं .

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