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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कन्नड़ दांव से भाजपा कर्नाटक में होगी धराशायी

कर्णाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कन्नड़ भाषी नारे के आगे अमित शाह की  हर चाल बुरी तरह धराशायी हो रही हैं . अगर भाजपा डाल डाल तो कांग्रेस के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पात पात 

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कर्णाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कन्नड़ भाषी नारे के आगे अमित शाह की  हर चाल बुरी तरह धराशायी हो रही हैं . अगर भाजपा डाल डाल तो कांग्रेस के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पात पात

अब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र मुख्यमंत्री सिद्धारमैया एक दलित, एक अल्पसंख्यक व एक लिंगायत को राज्यसभा भेजना चाहते हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री के रहमान खान, जो कि राज्यसभा में अपना चार कार्यकाल पूरा कर चुके हैं व राज्यसभा के सभापति भी रह चुके हैं, वो 5वीं बार राज्यसभा जाने की कोशिश में हैं. हालांकि कांग्रेस उन्हें इस बार राज्यसभा भेजने का मन नहीं बना रही बल्कि कैबिनेट मंत्री आर रोशन बेग को मनोनीत  कर सकती है.

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यहाँ भी कन्नड़ कार्ड खेल भाजपा को चुनाव के मैदान से ही बाहर फेंकने की तैयारी सिद्धारमैया कर रहे हैं .

गौर तलब हैं इस सबकी शुरुआत भाजपा ने ही की हैं . जिसकी काट मुख्यमंत्री सिद्धारैमिया  ने तैयार कर ली हैं . यहाँ गौर तलब  हैं …..

भाजपा बिज़नेसमैन राजीव चंद्रशेखर जो कि इससे पहले निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सभी तीनों पार्टियों के सहयोग से 2006 और 2012 में राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं, वो इस बार बीजेपी के टिकट पर राज्यसभा जाने की कोशिश में हैं. अपने बाहरी होने के टैग को खत्म करने के लिए उन्होंने कन्नड़ में ट्वीट करना व फेसबुक पर कन्नड़ में वीडियो पोस्ट करना शुरू कर दिया है.

मुख्यमंत्री कर्नाटक में फैले कन्नड़ भावनाओं से अच्छी तरह से वाकिफ हैं इसलिए उन्होंने पार्टी के हाई कमान को सीधे तौर पर गैर-कन्नड़ को राज्यसभा के लिए मनोनीत न करने की सलाह दी हैं  . सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर विचार करने के लिए सिद्धारमैया से कुछ समय देने को कहा हैं .

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कर्नाटक राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे समय में राज्य से बाहर के व्यक्ति को कर्नाटक से राज्यसभा भेजना समझदारी नहीं होगी.
बता दें कि कर्नाटक से 4 राज्यसभा सदस्य भेजे जाने हैं, जिसमें विधानसभा में अभी की संख्या को देखते हुए कांग्रेस 2 राज्यसभा सदस्य आसानी से भेज सकती है. बीजेपी एक सदस्य भेज सकती है जबकि एक सदस्य को लेकर कांग्रेस व देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस यानि जनता दल में  लड़ाई रहेगी. कर्नाटक में राज्यसभा के लिए 23 मार्च को चुनाव होने वाले हैं.
सिद्धारमैया ने जेडीएस की चौथे उम्मीदवार की मांग को ये कहकर खारिज कर दिया कि वो खुद अपना उम्मीदवार उतारेगी. यहाँ याद रखने वाली महत्वपूर्ण बात ये हैं की कांग्रेस ने जेडीएस के बागी विधायकों की मदद से 3 सीटें जीती ली थीं.

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