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क्या होगा जब मध्यप्रदेश में अपने दिग्गजों के साथ इस बार मैदान में उतरेंगे राहुल गाँधी

अब राहुल गाँधी जल्द ही मध्य प्रदेश का रुख कर सकते हैं . मध्यप्रदेश में कांग्रेस वापसी के अलावा अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पहली जीत हासिल करने की भरपूर प्रयास करेगी . 

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अब राहुल गाँधी जल्द ही मध्य प्रदेश का रुख कर सकते हैं . मध्यप्रदेश में कांग्रेस वापसी के अलावा अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पहली जीत हासिल करने की भरपूर प्रयास करेगी .

कांग्रेस अध्यक्ष  राहुल गांधी भी कई बार मध्यप्रदेश पर पूरी तरह अपना ध्यान केन्द्रित करने की बात कह चुके हैं .

पार्टी सूत्रों की माने तब  राहुल गांधी जल्द ही मध्यप्रदेश की धरती पर चुनाव प्रचार शुरू कर सकते हैं. इसकी शुरूआत विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर से हो सकती है.

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पार्टी के नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी  महाकाल का आशीर्वाद लेकर चुनाव प्रचार कर सकते हैं, वैसे इसका दूसरा पहलू ये भी है कि महाकालेश्वर मंदिर से मध्यप्रदेश के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी है. इससे मालवा क्षेत्र सहित पूरे मध्यप्रदेश में एक अच्छा सन्देश जा सकता है.

भाजपा की राज्य सरकार के नाक में दम पहले ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने अकेले के बल पर उपचुनावों में कर रखा हैं . क्या होगा जब राहुल गाँधी और सिंधिया की जोड़ी मध्यप्रदेश में भाजपा के नेत्रत्व को घुटने पर झुकने के लिए मजबूर कर देगी .

सिंधिया समर्थक नेता भले ही वर्तमान में ज्योतिरादित्य के चेहेरे को मुख्यमंत्री घोषित किये जाने की मांग कर रहे हैं . दूसरी और राहुल गाँधी अपने पत्ते एक दम से खोलने को तैयार नहीं .

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इस चुनाव में इतना तो तय हैं की इस बार राहुल गाँधी अपने फैसले खुद ही लेंगे और पार्टी अध्यक्ष बन जाने के बाद उनकी जिम्मेदारी सब को साथ ले कर चलने की हैं . इतना तय हैं की कोई हल न निकलने की सूरत में राहुल गाँधी अपनी मंशा कई महीने पहले जाहिर कर चुके हैं .

राजा दिग्विजय सिंह भी कह चुके हैं प्रदेश में गुटबाज़ी खत्म करने के लिए वो सबके पास जायेंगे . राजा दिग्विजय सिंह अपनी नर्मदा परिक्रमा यात्रा के बाद केंद्र की राजनीति में बड़ी जिम्मेवारी के लिए खुद को तैयार कर चुके हैं . इस बार मध्यप्रदेश के नेताओं के लिए जीत सबसे अहम् हैं . मध्यप्रदेश की सत्ता से कांग्रेस सिर्फ आपसी टकराव की वज़ह से बाहर रही जिसका राजनीतिक लाभ भाजपा को मिला  हैं .

इस बार राहुल गांधी और सिंधिया के प्रचार के साथ मध्यप्रदेश के दिग्गज राजा दिग्विजय सिंह की व्यूह रचना ,कमल नाथ जी का कुशल प्रबंधन जिसके साथ कदम ताल करता हुआ प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव का संगठन इनका  आनुपातिक सहयोग हुआ, तो भाजपा मुश्किल से दो अंको में दिखाई देगी .

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