Azadmanoj
Hindi News, Today's Latest News in Hindi, News - हिन्दी समाचार

गुजरात की भाजपा सरकार ने लगाईं वाटर इमरजेंसी ,किसान बड़े आन्दोलन की राह पर

गुजरात विधानसभा चुनावों में पी एम् मोदी ने सिर्फ़ वोटो और सत्ता के लिए गुजरात में रहने वाले किसानो के ऊपर नहरों से पानी लेने पर रोक लगा दी हैं . यहाँ तक की पीने के पानी तक का संकट आम गुजराती के सामने मुंह फाड़े खड़ा हैं

0 108
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

गुजरात विधानसभा चुनावों में पी एम् मोदी ने सिर्फ़ वोटो और सत्ता के लिए गुजरात में रहने वाले किसानो के ऊपर नहरों से पानी लेने पर रोक लगा दी हैं . यहाँ तक की पीने के पानी तक का संकट आम गुजराती के सामने मुंह फाड़े खड़ा हैं .

दिसंबर 2017 में गुजरात चुनाव से ऐन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया गया  था .  दावा किया गया  था कि इस बांध से गुजरात में पानी का संकट हमेशा के लिए  खत्म हो जाएगा.

राहुल गाँधी के बदलते अंदाज़ और बापू गाँधी की तरह फिरंगियों जैसी भाजपा पर वार

पीएम मोदी समेत  दूसरे बीजेपी नेताओं ने हर चुनावी रैली में नर्मदा को गुजरात की जीवन रेखा  बताते हुए दावा किया था कि गुजरात की नर्मदा ने हर किसी की जिंदगी को समृद्ध किया है और नर्मदा परियोजना ने गुजरातियों की जिंदगी में क्रांतिकारी परिवर्तन किए हैं .

विधानसभा चुनाव खत्म होने के अभी दो महीने भी पूरे नहीं हुए हैं किभाजपा सरकार ने  गुजरात में वॉटर इमरजेंसी लगा दी है . गुजरात सरकार ने ऐलान कर दिया है कि सिंचाई के लिए नर्मदा का एक बूंद जल  भी किसानों को नहीं दिया जाएगा.

अहमदाबाद में 2 फरवरी को एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने किसानों से कहा था कि गर्मियों में बुबाई न करे . उन्होंने कहा था, “नर्मदा बांध में पानी का स्तर बेहद कम है. राज्य सरकार की प्राथमिकता लोगों के लिए पीने का पानी उपलब्ध कराने की है. इन गर्मियों में किसानों को फसल नहीं उगाना चाहिए, क्योंकि नर्मदा का पानी सिंचाई के लिए नहीं मिलेगा.

अब शुरू हो गयी हैं चलनी कांग्रेस की हवा बोली सोनिया गाँधी शुरू करो तैयारी

भाजपा  ने गुजरात चुनाव जीतने के लिए नर्मदा बांध को बरबाद कर दिया, नतीजनत गुजरात में भयंकर जल का संकट पैदा हो गया है. हालात इतने  खराब है कि सरकार ने खेत और किसानों के बीच सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं .

साथ ही गर्मियों में पीने के पानी और उद्योगों को दिए जाने वाले पानी की सप्लाई में भी कटौती का प्रबंध  कर दिया है. गुजरात के इस विधान सभा के सी प्लेन वाले चुनावी स्टंट का खामियाजा मध्य प्रदेश भी भुगत रहा है और वहां नर्मदा के अलावा दूसरे दो बांधों का जलस्तर भी नीचे आ गया है, जिसके चलते सिंचाई के साथ-साथ मछली पालन पर भी प्रभाव  पड़ने लगा है.

गुजरात में आएगा सियासी भूचाल गिर जायेगी अल्पमत की भाजपा सरकार

गुजरात सरकार ने पानी पर पहरा लगा  दिया है.रूपानी  सरकार ने किसानों को मामूली शुल्क पर 15 मार्च तक नहरों से पानी लेने की छूट दी है, लेकिन 15 मार्च के बाद पानी पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. कोई भी किसान 15 मार्च से नहरों से पानी न ले पाए, इसके लिए अभी से सरकार ने नहरों पर एसआरपी तैनात कर दी है.

पानी के भयंकर संकट की खबर  पाकर और सारी जानकारियां सामने आने के बाद गुजरात में किसानों के संगठन गुजरात खेड्डत मंडल ने आंदोलन की तैयार कर ली है. संगठन का कहना है कि गुजरात सरकार ने महज चुनाव के लिए पानी की बरबादी की हैं किसानो का हक़ मारा गया हैं . एक बड़ा आन्दोलन अब गुजरात में किसानो का खड़ा होगा .

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Leave A Reply

Your email address will not be published.