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क्या लोकसभा चुनावों में टूट जाएगा अखिलेश यादव और राहुल गाँधी का दोस्ताना

दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से हो कर गुजरता हैं . राहुल गाँधी और अखिलेश के दोस्ताने को पिछले चुनावों में मिली शिकस्त ने दोनों ही राजनैतिक दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया हैं . सब अपने अपने ताने बाने नये ढंग से बन रहे हैं .

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Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister and Samajwadi Party President Akhilesh Yadav and Congress Vice President Rahul Gandhi during their road show in Lucknow on Sunday. PTI Photo by Nand Kumar(PTI1_29_2017_000257A)

दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश से हो कर गुजरता हैं . राहुल गाँधी और अखिलेश के दोस्ताने को पिछले चुनावों में मिली शिकस्त ने दोनों ही राजनैतिक दलों को सोचने पर मजबूर कर दिया हैं . सब अपने अपने ताने बाने नये ढंग से बन रहे हैं .

हाल ही में मीडिया को अखिलेश यादव ने एक साक्षात्कार में कहा कि 2019 के लिए अभी तक मैं किसी पार्टी के साथ गठबंधन की नहीं सोच रहा हूं. गठबंधन और सीट शेयरिंग पर बात कर मैं अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहता.

सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव  ने ये भी कहा कि मैं किसी भ्रम में नहीं रहना चाहता हूं. अभी मैं सिर्फ अपनी पार्टी को मजबूत करने में लगा हूं. अखिलेश यादव  के इस बात से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी में कहीं ना कहीं मतभेद उभरते हुए दिखाई दे रहे हैं.
2019 लोकसभा चुनाव में करीब डेढ़ साल का समय बाकी है.

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बावजूद इसके उत्तर प्रदेश में राजनीतिक  बिसात बिछाई जाने लगी है. आगामी लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी से मुकाबला करने के लिए महा गठबंधन बनाकर उतरने की तैयारी कर रही विपक्षी एकता को सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने बड़ा झटका दिया है. पिछले साल यूपी के विधानसभा चुनाव में अखिलेश-राहुल की बनी जोड़ी अब जुदाई की राह पर खड़ी दिख रही है. अखिलेश यादव को महागठबंधन समय की बर्बादी नजर आ रहा है, वहीं कांग्रेस इस बात को हलके में ले रही है.

उधर कांग्रेस के हवाले से कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने दी हैं . उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने कहा कि हम जमीन पर अपने संगठन को मजबूत करने में लगे हैं. अभी हमारा पूरा फोकस पार्टी को मजबूत करने पर है, जहां तक महागठबंधन की बात है तो उस पर कांग्रेस की केंद्रीय लीडरशिप फैसला करेगी.

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कांग्रेस के राज्यसभा सासंद पी एल पुनिया ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने संगठन को अगर मजबूत कर रही है तो हम भी उसी काम में जुटे हुए हैं. हमारा भी पहला लक्ष्य पार्टी और संगठन को मजबूत करने का है.

कांग्रेस अखिलेश यादव के बयान को लगता हैं  में ले रही  . दूसरी तरफ नये कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के लिए कुछ और ही सोचे बैठे हैं . राहुल गांधी का एक्शन प्लान मकर संक्रांति के बाद उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा .

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