Hindi News, Today's Latest News in Hindi, News - हिन्दी समाचार

गुजरात चुनाव के बाद निर्विवादित विपक्ष का मुख्य चेहरा बन रहे हैं राहुल गाँधी

राहुल गांधी अब विपक्ष के एक निर्विवादित नेता बनते जा रहे हैं . विपक्ष की धुरी में उनकी भूमिका महत्व पूर्ण हो चली हैं . जिग्नेश मेवानी का वो बयान काफी हद तक सटीक भी हैं .

0 208

राहुल गांधी अब विपक्ष के एक निर्विवादित नेता बनते जा रहे हैं . विपक्ष की धुरी में उनकी भूमिका महत्व पूर्ण हो चली हैं . जिग्नेश मेवानी का वो बयान काफी हद तक सटीक भी हैं .

जिसमे उन्होंने पी एम् मोदी को हिमालय चले जाने की सलाह दी हैं . जिग्नेश ने स्पष्ट किया था . इस देश को अब युवा नेतृत्त्व की आवश्यकता हैं . मोदी जैसे और अमित शाह जैसे नेता जो तिकड़म वाजी में माहिर हैं उनके दिन अब लद चुके हैं .

ममता बनर्जी के बयान को देखे तब ईशारा साफ़ मिल जाता हैं .बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुजरात के चुनाव नतीजों को बिल्ली के गले में घंटी बध गयी हैं . कह कर उच्चारित किया हैं . शिव सेना से ले कर भाजपा के नेताओं ने भी गुजरात चुनावों को कांग्रेस की वापसी बताया हैं .

अरुण शौरी का कडा बयान,भाजपा को बताया ब्रिटिश जनता पार्टी (BJP)

गुजरात चुनाव के नतीजो में कम से कम दस सीट ऐसी थी . जिन पार आम आदमी पार्टी ने भाजपा की ही मदद की . कांग्रेस के लिए वोट कटवा साबित हुई हैं .

इन सीटो पर आम आदमी को ५०० से लेकर १४०० मत मिले हैं . कांग्रेस के प्रत्याशी की हार का अंतर भी इतना ही रहा हैं . पांच सीटो पर मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने भाजपा की एक तरह से मदद की हैं . वहां इन सीटो पर बसपा ने ३५० से ३००० तक मत पाए और कांग्रेस प्रत्याशी की हार का अंतर उतना ही था जितने बसपा प्रत्याशी को मत मिले .

महा गठबंधन की वकालत करते नज़र आ रहे नेता अब कांग्रेस के सामने अपना कागजी सीना दिखाने में लगे हैं . मीडिया की बहसों में अब सुनियोजित तरीके से उन्हें सामने लाया जाने लगा हैं .

गुजरात के बाद राजस्थान में कांग्रेस की हवा,उपचुनाव में भाजपा को मात

मीडिया और भाजपा ने लोक सभा २०१९ के चुनावों की तैयारी अभी से शुरू कर दी हैं . बस कुछ मोहरे और विषय अब बदल जायेंगे . जैसे क्या अप राहुल गाँधी को अपना पी एम् मानते हैं . ये सवाल गठबंधन के नेताओं से बस रोज़ाना पूंछा जाने वाला ही हैं जो विषय से भटकने जैसा हैं . ये प्रश्न उन नेताओं को भी धर्म संकट में डालेगा जहाँ उन पर खुद अपने अस्तित्व को ले कर सवाल उठेंगे .

इतना तो तय हैं की राहुल गाँधी ,अखिलेश यादव तेज़स्वी याद के साथ साथ गुजरात के हार्दिक जिग्नेश और अल्पेश की जुगलबंदी भाजपा को कत्थक करा कर ही मानेगी .

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.