facebook
Azadmanoj
Hindi News, Today's Latest News in Hindi, News - हिन्दी समाचार

डायरी में एक कहानी ठंडी अंधेरी रात थी वो आठ नवंबर की रात थी,!

एक सच्ची काल्पनिक नहीं हर शहर की कहानी हैं

0 202
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

ठंडी अंधेरी रात थी वो आठ नवंबर की रात थी ,जब हरी राम देर रात तक बैंक के सामने अपने पुराने पांच लाख रूपये के नोट ले कर बैंक के सामने कतार में खड़ा था .

बेटी की शादी थी दस तारीख को मोदी जी ने हुक्म सुनाया था .

उन्होंने वोला ही था की काला धन लायेंगे . हरी राम इस के लिए तैयार था .

इंदिरा जी और राजीव जी के बाद कोई नेता आया था .

जो देश को खुश हाल और गरीबों को अमीर बहुत अमीर बनते देखना चाहता था .

मोदी जी के एलान के बाद हरी राम निश्चिंत था की सब ठीक होगा .

नोट बदले न जा सके . उस रात अपने नोट ले कर हरी राम वापिस आ गया .

उसकी सुषमा नाम की बेटी की शादी एक दिन बाद ही तो होने वाली थी .

जल्द वाजी में गॉव से ही बिना ब्याने के सब बुकिंग हो गयी थी .

शामियाने से ले कर हल वाई तक की भी ,सब गाँव के और समाज के ही थे .

वो अगले दिन फिर अपना बेग अपने सीने से लगाए फिर नोट बदलने की आस में सुबह से ही दो परांठे अचार के साथ बंधवा कर ले गया था . इस आशा मे की पहले नंबर आ जाएगा आज . बैंक खुला पुलिस वालो ने कतार को रोक रखा था . उसी दौरान कुछ सफ़ेद बोलेरो में सफ़ेद खाड़ी में क्षेत्र के गणमान्य नेता आयें . बैंक में गए एक बेग ले कर सबने देखा . कुछ ही देर में वो बैंक से चले गए अपने-अपने  बेग ले कर .

कतार में धक्का मुक्की का आलम था हरी राम के आगे दो खड़े लोगो का नम्बर आ गया . उसके बाद बैंक के दरवाज़े पर एक कैप्शन कागज़ पर लिखा आ गया कैश नहीं हैं कल आओ .

मोदी जी, जय शाह जादा पर क्यों चुप हैं ,भागीदारी तो नहीं :राहुल गाँधी का करारा हमला

हरी राम का तो जैसे दिल बैठने लगा था . जितने रिश्तेदारों को बुलाया था . उन सबने नोट बंदी के बाद आने में असमर्थता जता दी थी .

ज़मीन जैसे घूम रही थी . अपने होशोहवास पर काबू करता एक बाप आशंका से त्रस्त था .

अंत में सेठ जीवन राम  सुनार याद आयें ,उसे उस रात वो अपना बेग उठाये उनके पास पहुंचा बोला सेठ जी पांच लाख के नए नोट का इंतज़ाम करना हैं कर दो .

ये मेरे नोट ले लो .

जीवन राम खुद बहुत सख़्त लहज़े में हरी राम से बात करने पर उतारू था .

ऐसा स्वभाव पहले कभी हरी राम ने नहीं देखा था उसका ,वो भी आश्चर्य चकित था जीवन राम के व्यवहार से .उसने बोला की आप बात कैसे कर रहे हो में कोई उधार मांगने नहीं आया आपके पास ,दीवाली हो या शादी जेवर आपके यहाँ बनता रहा हैं . पैसा लिया हैं तो पूरा मूल सूद के साथ आपको वापिस  दिया हैं .

हताश हो अपना नोटों से भरा बेग ले कर हरी राम जीवन राम के यहाँ से जाने लगा . अचानक पीछे से हरी राम की आवाज़ आई ठहरो भाई हरी राम इन बेकार नोटों के बदले में आपको दो लाख नए नोट दे सकता हूँ .

वो जुमले फेंकते रहे ,काले धन वाले धन सफ़ेद कर ले उड़े ,फंसी मोदी सरकार

हरी राम ने एक बार मायूसी से पलट कर देखा , और दौड़ कर जीवन राम के पैर पकड़ लिए .आँखों में अपनी बेटी की शादी की चिंता ने उसे आज मजबूर कर दिया था .

उसने हाथ जोड़ कर बोला ,सेठ और सुनार जीवन राम से मुझे इनके बदले कम से कम साढ़े चार लाख तो दे दो ,

जीवन राम का घमंड जैसे सातवें आसमान पर था .

अचानक जीवन राम के घर के सामने दनदनाती कुछ बोलेरो गाड़ियों का शोर हुआ जो थोड़ी देर बाद बंद हो कर जीवन राम के घर के आगे आ कर  रुकी .

हरी राम की आँखों के सामने ये वही नेता थे जो आज सुबह सवेरे बैंक में दिखाई दिए थे .

बहुत सारे काले बेग लिए जीवन राम को दे रहे थे .

चुपचाप हरी राम उनके साथ उसको अकेले छोड़ अलग कमरे में उनसे बात करता रहा . सुबह से रात के दस बज़ चुके थे . दो परांठे आम के अचार के साथ खाए थे आज हरी राम ने  .

हरी राम की भूख और प्यास अपनी बेटी की शादी की चिंता में जैसे अपना होशो हवास खो बैठी थी.

हरी राम अपने जीवन की प्रतीक्षा कर रहा था ,सेठ जीवन राम की उसकी बैठक में बैठ कर .

वो पल समाप्त हुआ एक घंटे बाद जब सब चले गए ,जीवन राम हँसते हुए उससे बोला रूपये में पांच लाख दे दूंगा लेकिन एक लाख का ब्याज और क़र्ज़ तुम को चुकाना होगा .तैयार हो तो बोलो .

ताज़ा खबर :24 घंटे में हार्दिक पटेल खुद करेंगे बड़ा एलान ,भाजपा अब कोमा में !

हरी राम इसके के लिए सहर्ष तैयार हो गया .

नए नोटों से भरा बेग उसके सामने था . पांच लाख के बदले मिले चार लाख उसको सबल दे रहे थे . मन ही मन नोट बंदी का मतलब समझने की कोशिश कर रहा था .

उसने आत्म हत्या नहीं की क्युकी वो संपन्न किसान था . लेकिन आज की घटना ने उसे बहुत कुछ सिखा दिया था

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Leave A Reply

Your email address will not be published.