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Why Rahul Gandhi is so cool & special for his supporters ?

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कभी कभी कुछ  भी लिखने के लिए विषय ढूँढना मुश्किल हो जाता हैं , लगता हैं की क्यों न बिभिन्न विषयों पर अलग अलग लिखा जाये लेकिन एक ही लेख में दो विषयों को समेटने की कोशिश भी हो तो एक विषय के साथ न्याय नहीं किया जा सकता . वो ठीक वैसे ही हो जाता हैं जैसे पूड़ी के साथ पोहे खाना ?

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विषय जवलंत भी हैं और गंभीर भी ,आज भी वो शब्द स्म्रतिपटल के इको सिस्टम में सुनाई देते हैं जो कभी राहुल गांधीजी ने कहे थे . “जब तक पिछली पंक्ति में खड़े कार्यकर्ता को संसद में जगह नहीं मिलेगी ,तब तक संगठन कमजोर रहेगा .

बहुत से युवा कार्यकर्ताओ में दूना जोश भर गया था ,और उत्तर प्रदेश से २२ सांसद जीत कर निकले थे .

राहुल गाँधी को पीछे दूंन  कालेज में बोलते हुए सुना ,उन्होंने वो शब्द दोहराए जो कभी गांधीजी ने अपनी आत्मकथा में लिखे थे , एक सवाल के ज़बाब में उन्होंने कहा की सबसे आसान हैं गुस्सा हो कर अपनी प्रतिक्रिया देना . शांत रहना दुष्कर जो दुष्कर कार्य करे वही ज्यादा मानव स्वभाव और गांधीवादी परम्परा का पोषक .

जब लोग आप पर गलत आरोप लगाए तब खामोश रह कर अपना कार्य करते रहना श्रेयस्कर हैं .

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राहुल गाँधी एक अपवाद हैं .जो सत्ता में रहते हुए भी बिना पद के रहे . लोग शायद उन पर ये आरोप लगाए की वो अपनी जिम्मेवारी से भागते रहे .

सही भी हैं ये कहा जा सकता हैं .

पर कोई सत्ता की कुंजी हाथ में होते हुए सिंहासन पर  नहीं बैठा ,ये अपने आप में एक विलक्षण गुण भी हो सकता हैं .एक नेता ऐसा भी था जो लोगों से सत्ता  का सिंहासन पाने के लिए दुनिया भर के झूठ जनता से बोलता रहा . विकास की बुलेट ट्रेन लोगो को दिखा कर पंद्रह लाख का हसीं सपना  दिखाता  रहा .

जब सत्ता मिली तब देशवासियों को अपना आर्थिक गुलाम बना दिया . देशभक्ति का नारा जोर से लगा लगा कर देशवासियों के बीच नफरतो की दीवार खींच दी .

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राहुल गाँधी एक मात्र ऐसे नेता जिन्होंने कांग्रेस की ही परम्पराए तोड़ने की बात की ,कांग्रेस के अन्दर पनपे सामंतवाद को समाप्त करने की बात की .ये कोई साधारण नहीं हैं .

ये एक असाधारण बदलाब की बात कही गयी थी . जिसके चलते पार्टी के अन्दर उनके विचारों का सामंती विचारधारा के द्वारा उसका विरोध  होना तय था .

ये विचार अकेले कांग्रेस के लिए ही नहीं और भी राजनैतिक दलों को प्रभावित करता,और निश्चय ही कई लोग असामयिक रूप से राजनैतिक क्षितिज पर अस्त हो चुके होते .

बहाव के विपरीत तैरना उसे कोई भी आत्महत्या का प्रयास बतायेगा . अगर किनारा मिला तो वो ही असाधारण परिस्थतियो का नायक कहलायेगा .

बिना क्रोध फैलाए ,बिना झूठ बोले ,बिना अफवाह फैलाये ,बिना राजनैतिक कुचक्रो के राजनीति करना घने अँधेरे में चिंगारी से रोशनी करने के बराबर हैं .

राहुल गाँधी कहते हैं हम ये सब करके दिखायेंगे .यही उनको विशिष्ट और विलक्षण बनाता हैं. राहुल गाँधी ने सत्ता से दूर रह कर एक  बड़ी लकीर खींची हैं और उस लकीर से बड़ी लकीर न खींच पाना वर्तमान में किसी के बस की बात नहीं ,और न ही कलेजा .

खेमो में बंटी कांग्रेस के लिए राहुल गाँधी नहीं वो नेता भी जिम्मेवार हैं .जिनकी समझ में नहीं आ रहा की किसानो की जनसभा पर या समस्या पर अंगरेजी में प्रेस कांफ्रेंस की जाए या स्थानीय भाषा में ?

खेमेवाजी छोड़ सब को एक जूट हो प्रयास करने होंगे ,संगठन के चुनावो के बाद कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हुए नवनिर्वाचित नेताओं के साथ निष्ठां से कार्य करने का समय हैं . क्या आप सब विलक्षण नहीं बनना चाहोगे ?

बड़े नेता ये न समझे की वो किसी के नीचे काम कर रहे हैं . पदाधिकारी ये न सोचे की इतने बड़े नेता उनके अन्दर कार्य कर रहे हैं यहाँ सब एक दुसरे के साथ कार्य करें .

आज मेने एक बात स्पष्ट रूप से लिखी  हैं और सराही हैं या सीधे शब्दों में कहूँ की यदि राहुल गाँधी सत्ता में रहते सिंहासन से दूरी बना सकते हैं तब आप सब नेता कार्यकर्त्ता और सारे समर्थक पद का लालच क्यों नहीं छोड़ देते . पावर का मोह क्यों नहीं छोड़ देते एक वार विलक्षण बनने की दशा में कदम उठाइये तो सही २०१९ में सत्ता का सूर्य आप सबका स्वागत करने के लिए उतावला हो रहा हैं .

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2 Comments
  1. Hari Kishan Saini says

    ये तो सही है कि मोदी की तरह राहुल गांधी झूठ नही बोलते ड्रामा नही करते,
    राहुल गांधी ईमानदार नेता है और आजकल झूठ का बोल बाला है

  2. निलेश चंद्रवंशी खरोरा says

    राहुल जी संगठन को पसंद करने वाले नेता है
    पर संगठन को आगे बढ़ाने में नाकाम साबित हुवे है क्योंकि चापलूसों से घिरे है। बहुत ही जल्दबाजी में बयान देदेते है इसलिए हसी के पात्र बनजाते है जिस विसय का पूरा देश विरोध करता है उस विषय का RG सपोट करते है । जिस विषय को लेकर जहाँ भी दौरे में जाते है उस विषय के बारे में पलट कर नही देखते इस लिए लोगो का विश्वासपात्र भी नही बने है,भाषण शैली में भी बदलाव करना होगा। औऱ सबसे महत्व पूर्ण बात मीडिया से मिलना चाहिए और आम जनता से भी
    तभी कांग्रेस का भला होगा नही तो रिजल्ट्स आपके सामने है ।
    7000158366

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