रागनी रात को नहीं दिन के उजाले में अपने घर से बाहर निकली थी

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उसकी (ragni ) आँखों में भी अपने लिए कुछ सपने थे ,वो एक परी की तरह उड़ना चाहती थी. उसकी तरफ उसके माता पिता की आशा भरी निगाहें रहती ,जब वो अपने सपनो के बारेमें उनको बताती , एक गाँव की वो छोटी सी लडकी ,किसी की प्यारी बिटिया , किसी की बहन तो किसी माँ के आंख की नूरे नज़र. वो उड़ना चाहती थी उसका सपना था एयर होस्टेज बनने का .

उसके (ragni )पिता कोई आई ए एस अधिकारी न थे varnika की तरह .उसके पिता के साथ खड़े होने वाले भी चार छ मुश्किल से होंगे क्युकी गाँव में जो मुख्य  अपराधी था गाँव के ही भाजपा के  प्रधान का बेटा  था.

बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र निवासी रागिनी (ragni )  (17) इसी साल मई में 11वीं पास कर इंटर में आई थी. वो पड़ोसी गांव सलेमपुर के संस्कार भारती स्कूल की  छात्रा  थी.

स्कूल आते-जाते गांव सह प्रधान के लड़के उस (ragni ) पर कमेंट पास करते . उसे देखकर सीटी बजाते तो कभी गाने गाते. इन सब बातों से तंग आकर उसने मई के बाद स्कूल जाना ही बंद कर दिया था.

यूपी के बलिया में 8 अगस्त को रागिनी की बीजेपी नेता सह ग्राम प्रधान के लड़के ने सरेराह हत्या कर दी.

रागिनी के पिचा जीतेंद्र दुबे ने योगी सरकार से न्याय की मांग करते हुए . कहा,

“अगर सरकार लड़कियों की सुरक्षा नहीं दे सकती, तो भ्रूण हत्या करने की इजाजत दे, जिससे समाज में जलालत न झेलनी पड़े. पिता ने कहा अगर आरोपियों को फांसी की सजा नहीं मिली तो धरना प्रदर्शन करेंगे.”

रागिनी (ragni ) 8 अगस्त मंगलवार सुबह 8 बजे स्कूल जाने के लिए अपनी छोटी बहन के साथ निकली। रास्ते में बाइक से आए प्रधान के लड़के ने उसका रास्ता रोका और उसे धक्का मारकर नीचे गिरा दिया.

वो वहीं नहीं रुका. उसने जेब में रखा चाकू निकाला और उससे रागिनी का गला रेत दिया. फिर उसकी बॉडी को चाकू से गोद कर अपने साथियों संग फरार हो गया. मां फूलमती ने बताया,

“प्रधान का लड़का सोमवार को हमारे घर आया था. वो धमकी दे रहा था कि अगर रागिनी (ragni ) स्कूल गई तो वह उसकी जिंदगी का आखिरी दिन होगा. मेरी बेटी लगभग 3 महीने बाद मंगलवार को स्कूल एग्जाम की जानकारी लेने जा रही थी. अपनी धमकी के मुताबिक प्रधान के लड़के ने मेरी बेटी की हत्या कर दी. अब हम उसकी लाश देखना चाहते हैं. खून के बदले में खून चाहते हैं.”

वर्णिका की तरह इस केस में भी मृतका का चरित्र हनन करने की कोशिश स्थानीय प्रशासन कर रहा हैं , भाजपा के नेता रात में निकलने पर सवाल महिलाओं पर उठा रहे थे . ये मासूम तो दिन के उजाले में स्कूल जाने निकली थी .

रागनी के लिए स्थानीय लोगो ने न्याय मांगने के लिए अपना एक मूवमेंट छेड़ रखा हैं. महिलाओं की सुरक्षा का दावा करने वाली योगी सरकार कहाँ सो रही हैं समझ नहीं आता .

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