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भाजपा का नया नारा “ना पढ़ें हुए हैं , ना पढ़ने देंगे “

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भाजपा का नया नारा “ना पढ़े हुए हैं , ना पढ़ने देंगे  “


उत्तरप्रदेश में भाजपा की योगी सरकार भी केंद्र सरकार के नक्शे कदम पर चलते हुए देश के भविष्य को अंधकारमय करने के तरफ अग्रसर हो गई है तभी तो देश के भविष्य के लिये सबसे आवश्यक शिक्षा के ही बजट में 90 से 94 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।

उत्तरप्रदेश की पिछली सरकार में बजट के दौरान माध्यमिक शिक्षा के लिये 9,990 करोड़ रुपये आवंटित किया गया था जिसे योगी सरकार ने घटाकर 576 करोड़ रूपये कर दिया जो यूपी जैसे बड़े राज्य के शिक्षा के अपर्याप्त है। वही उच्च शिक्षा के लिये जो बजट 2,742 करोड़ रुपये थी उसे घटाकर योगी सरकार ने 273 करोड़ रुपये कर दिया जो भाजपा के युवा विरोधी शासन का एक नमूना है।

पहले मोदी सरकार ने भी शिक्षा बजट में कटौती कर दिया था जिससे कई क्षेत्र में विकास रुक सा गया है।

शायद भाजपा में अनपढ़ नेताओ की भरमार है इसलिये वो भूल गए हैं कि किसी भी देश के विकसित होने का मुख्य आधार शिक्षा है मन्दिर-मस्जिद और जुमलेबाजी नही।

आश्चर्य तब लगता है जब भारत जैसे देश जिसने विश्व को ज्ञान की तरफ अग्रसर किया आज वहां शिक्षा को सबसे निचली पायदान पर छोड़ दिया गया है। जिस भारत को ज्ञान का भंडार बताकर  विवेकानंद ने विश्व मे परिचय करवाया था आज वही भारत विवेकानंद के बड़ी-बड़ी पोस्टर तो लगा रहा मगर शिक्षा को बर्बाद करने में आगे कदम बढ़ा रहा है।

सबसे शर्मनाक तो ये लगता है कि सरकार के लिये पुतला और मूर्ति बनाने के लिये सरकार के लिये बजट है मगर शिक्षा के लिये नही।

बड़े बड़े मूर्ति और ऊंची सिंघासन से कोई भी देश महान् नही होता देश महान् होता है तो उसके ज्ञान और कीर्ति से जो वर्तमान सरकार धूमिल कर रही है।

किसी किताब में पढ़ा था कि जिस देश का मुखिया शिक्षा में खर्च करने में कटौती कर रहा है उस देश का बुरा वक्त शुरू हो गया है।

आज विश्व मे भारत को ज्ञान के कारण जाना जाता है ना कि मूर्ति के लिये। अमेरिका, जापान, रूस और यूरोप जैसे जगहों के सबसे बड़े संस्थानों में भारतीयों ने अपना दबदबा अपने ज्ञान से बनाया हैं मगर देश का दुर्भाग्य है की आज उसी शिक्षा पर प्रहार किया जा रहा है।

जिनका भी शोषण हो रहा है वो सिर्फ अशिक्षा के कारण अगर इसलिये भाजपा सरकार लोगो को अशिक्षित रखना चाहती है ताकि लोग अपने हक के लिये आवाज न उठा सके और ना ही सरकार के गलत नीतियों पर सवाल उठा सके।

 

कांग्रेस उपाध्यक्ष के बड़ी ही चुटीले अंदाज में कहा कि योगी जी को अगला कटौती स्वास्थ विभाग में भी कर देना चाहिये ताकि कुछ और पैसे सरकार बचा सके।

मैं तो कहता शिक्षा के बाद सिर्फ स्वास्थ ही नही बल्कि सुरक्षा बजट में भी कटौती कर लेना चाहिये क्योंकि बिना शिक्षा के मनुष्य पशु के समान हो और कोई आवश्यकता नही है देश मे पशुओं के लिये स्वास्थ और सुरक्षा पर खर्च किया जाये।

लेखक

आयुष कुमार मिश्र

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