Hindi News, Today's Latest News in Hindi, News - हिन्दी समाचार

नितीश कुमार की सियासत और तेज़स्वी का इस्तीफ़ा,क्या टूट सकता हैं महागठबंधन ?

Biharbox
0 66

नितीश कुमार की सियासत और तेज़स्वी का इस्तीफ़ा,क्या टूट सकता हैं महागठबंधन ?


नितीश कुमार ने जहाँ भ्रष्टाचार से समझौता न करने की बात कही हैं .साथ ही उन्होंने आख़री फैसल खुद लालू प्रसाद यादव और तेज़स्वी यादव पर छोड़ा हैं . कुछ तनाव की सी स्थति में .


इस बीच बिहार के RJD के प्रदेश अध्यक्ष ने भी साफ़ साफ़ ब्यान दिया हैं की ,तेज़स्वी उनके नेता वो अपना इस्तीफ़ा नहीं देंगे ,

पूरी पार्टी उनके पीछे हैं .


नितीश कुमार की अपनी पार्टी के साथ हुई मीटिंग में जो फैसले लिए गये ,उसमे भ्रष्टाचार से समझौता न करने की बात सर्वोपरी रही ,अब ये भ्रष्टाचार से दूर रहने का बहाना हैं .या फिर से एक बार गुल्ली मार कर भाजपा के साथ उनका जाना तय लग रहा हैं .

हाल ही में जिस तरह अति आत्मविश्वास  से भरे सुशील मोदी से सार्वजनिक बधाई नितीश  कुमार जी को देते हुए कहा था . की लालू परिवार के ऊपर उन्होंने ही ये मुद्दा  उठाया था .

अन्दर खाने की कुछ अपुष्ट खबरे तो आ रही थी . महागठबंधन के नाम पर नितीश कुमार इतना बड़ा राजनैतिक दांव खेल जायेंगे ऐसी आशा किसी को भी नहीं थी .

उनका सारे विपक्ष की मीटिंग में न पहुचना उनकी मंशा और सियासती दांव की पुष्टि करता हैं . कांग्रेस जिस तरह से लालू प्रसाद के साथ खडी हैं .उस मजबूती के साथ नितीश नज़र नहीं आते . न ही उनकी पार्टी …..

प्रशांत किशोर के बारे में कुछ कांग्रेस के नेताओं ने उत्तर प्रदेश चुनाव के दौरान कुछ ऐसी ही संभावना व्यक्त की थी .

नितीश कुमार कांग्रेस को पीछे धकेल अपने आपको सर्वश्रेष्ठ बनाने के फेर में विपक्षी एकता पर अपना राजनैतिक दबाब बना रहे हैं .

इस मामले में लगता नहीं लालू  प्रसाद अब पीछे कोई कदम हटा कर उन्हें हावी होने का मौका देंगे , उनके पास भी  नितीश कुमार के कई पत्ते मौजूद हैं . जो हो सकता हैं नितीश कुमार को ही बड़ी कीमत चुकानी पड़े .

लगता हैं कुछ नेताओं ने इस देश को अस्थिर करने का बीड़ा उठाया हुआ हैं .

वर्तमान सरकार के नेता ….कोई आशा नहीं देश या देश वासियों से प्रेम का

भूत पूर्व पी एम् मंडल वाले वी पी सिंह राजनीती की अवसरवादिता और पीठ में छुरा भौंकने वाले .

उनको समर्थन करने वाली भाजप ही थी जब मुफ्ती के बेटी को छोड़ा गया और कश्मीरी पंडितो को कश्मीर से निकाला गया ?

अटल बिहारी हिंदी के समर्थन में अंग्रेज़ी का विरोध ?

कम्पूटर का विरोध ?

आज देश जर्मनी में रूपांतरित हो रहा हैं ,अपने हित और स्वार्थ को भ्रष्टाचार के नाम पर नारा लगाता एक नेता ,कमजोर करता हुआ उन ताकतों को जो इस देश को जर्मनी बनने से रोक सकते हैं .

इतिहास मीरजाफर और जयचंदों की वज़ह से बदल गया ये भारत की पुरानी किस्मत हैं .

मेरा खुद का समर्थन पीड़ित परिवार और दलित नेता लालू प्रसाद के साथ हैं . क्युकी कोई कैसे बिना कोई रिश्वत लिए भ्रष्टाचारी साबित बिहार में केंद्र सरकार ने एक सी . एम् के साथ मिल कर बना दिया गया हैं . देश इस पूरी सियासत को देख रहा हैं .

जब देश नोट बंदी के दंश से गुजर रहा था नितीश मोदी के साथ थे .

देश जब जी एस टी के बोझ दब  कर कराहा रहा था नितीश तब भी मोदी के साथ थे .

महागठबंधन ने उनकी राजनैतिक मंशा को पूरा किया हैं . जिसमे उभोने कांग्रेस को धोया हैं इसमें बड़ा सहयोग बिहार ईकाई के स्थानीय कांग्रेस  नेताओं का भी हैं .

अब उनको अपने आपको साबित करने की भी चुनौती होगी सत्ता के साथ हैं या पार्टी के ?

एक मित्र ने बड़ी जान कारी दी हैं

 

 

 

सम्बंधित लेख

Gopal Kirashn होंगे विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के प्रत्याशी

Amarnath attack :राहुल गाँधी ने जताया दुःख माँगा ज़बाब पी एम् से

 

 

You might also like

Leave A Reply

Your email address will not be published.