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Digvijaya Singh has decided to 3300 Km “Narmada Parikrama”

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Digvijaya Singh has decided to 3300 Km “Narmada Parikrama”


इकोनोमिक्स टाइम्स में आज एक महत्व पूर्ण खबर देखने को मिली ,जिससे पता चल की राजा दिग्विजय सिंह जल्द  नर्मदा परिक्रमा करेंगे .

इकोनोमिक्स टाइम्स के अनुसार

एआईसीसी के महासचिव दिग्विजय सिंह ने नर्मदा परिक्रमा के अंतर्गत  लगभग 3,300 किलोमीटर के छह महीने के पद्यात्र  शुरू करने का फैसला किया है। यह मार्ग मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और गुजरात की सीमा के कुछ हिस्सों से गुजरता है।.

कांग्रेस महासचिव ने बताया  कि यह एक अथक भक्तिपूर्ण यात्रा का प्रयास हैं .

जो ,गैरराजनैतिक, “गैर-विरोधी” और “पूरी तरह से धार्मिक और आध्यात्मिक” प्रयास है, जिसे वह 1997 के बाद से करना चाहते थे, लेकिन वह राजनीतिक गतिविधियों के कारण नहीं कर पा रहे थे ।

हालांकि, राजा दिग्विजय सिंह आश्वस्त है कि वो ऐसी परिक्रमा, के लिए निकलेंगे. जो  पवित्र हिंदुओं के लिए एक कठिन  अनुष्ठान की तरह हैं . और उनको ऐसा करने की प्रेरणा ईश्वरीय शक्ति से मिली हैं . ये एक ऐसा अनुष्ठान हैं. जिसमे हजारों लोग भाग लेते हैं, नर्मदा के तट के आसपास की सबसे बड़ी पवित्र मंडलों के रास्तो द्वारा ये संपन्न होती हैं .

योजना के अनुसार, सिंह 30 सितंबर को अपने पदयात्रा शुरू करना है।

ET के पत्रकार के एक सवाल में उन्होंने बताया की इसके लिए मुझे मेरे गुरु ने प्रेरित किया

उन्होंने बताया “हां, मेरे गुरु की सलाह पर, मैंने इस समय नर्मदा परिक्रमा के लिए एक पदयात्रा शुरू करने का फैसला किया है।

यह एक अनुशासन पूर्वक  आध्यात्मिक प्रयास है, जो कुछ मैं बहुत लंबे समय से करने की इच्छा कर रहा था .

लेकिन राजनैतिक व्यस्तताओं के कारण ऐसा नहीं कर सका  था.

” गौरतलब हैं राजा दिग्विजय सिंह कांग्रेस के कद्दावर नेता हैं .लोगो ने अनुमान लगाना शुरू कर दिया हैं की ये यात्रा कही विशाल जन संपर्क यात्रा में न बदल जाए .  राजा दिग्विजय सिंह, मोदी सरकार और भाजपा-आरएसएस के मुखर आलोचक रहे हैं . साथ ही हमेशा संघ के निशाने पर रहे हैं.

उन्होंने बताया की इस यात्रा में जहाँ से यात्रा शुरू होगी यात्रा की समाप्ती उसी बिंदु पर करनी होगी .

संयोग से, नर्मदा परिक्रमा यात्रा मार्ग मध्य प्रदेश में 110 विधानसभा क्षेत्रों और पड़ोसी गुजरात में 20 सीटों के बीच या कगता हुआ गुजरता हैं।

एक राज्यसभा सदस्य और एआईसीसी प्रमुख राष्ट्रीय सचिव श्री दिग्विजय सिंह सिंह ने कहा है कि वह राज्य की राजनीति में लौटने में रूचि नहीं रखते हैं। ये मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया हैं . वर्तमान में  कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया पीसीसी के अध्यक्ष-मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए संघर्ष में हैं।

ये सर्व विदित हैं की राजा  दिग्विजय  सिंह को सांसदो , कांग्रेस के नेताओं के बीच सबसे बड़ा समर्थन हासिल हैं . उनके समर्थन को किसी भी नेता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. जिसका प्रभाव कांग्रेस पार्टी को गठबंधन वाले राज्यों को एकजुट करने और आने वाले चुनावों में महत्त्व पूर्ण होगा .

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