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CrackDowen NGO,A Big Question For Modi In America

The Indian Express
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CrackDowen NGO,A Big Question For Modi In America


पी एम् मोदी कांग्रेस केप्रति या विपक्ष के प्रति विदेशो में भी जा कर उन सारी सभ्रांत राजनैतिक मर्यादाओं का चीर हरण कर रहे हैं । जिनके बारे में कोई सम्भ्रान्त राजनैतिक व्यक्ति सोच भी नही सकता । वो अपने ही लोक और अपनी ही कुटिलता में खोई छवि बन कर रहे गए हैं ।

परन्तु अमेरिका के लोकतंत्र की विशेषता हैं ,की वहां का मीडिया बिकाऊ नहीं ,सिधान्तो की बात आती हैं तो वहां की प्रेस सर्वशक्तिमान ट्रम्प को ही चुनौती दे डालती हैं ।

अमेरिका में भारत को ले कर अलग ही मत वहां के लोगो के बीच बन रहा हैं । मोदीजी भले ही सारी शक्तिशाली अमेरिकन कम्पनियों से मिले हो उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया ।

क्या ये कम्पनिया अपनी शर्तो पर भारत में आ कर राष्ट्र निर्माण में सहयोग और भागीदारी सुनिश्चित कर पाएंगी ,भारतीयों के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर पाएंगी ?

भारत पर आरोप लगा हैं वहां की एक संस्था के द्वारा जिसके चुभते सवालों का ज़बाब शायद प्रधानमन्त्री न दे पाए .

सिर्फ दो महीने में १३००० NGO  संस्थाए बंद हो गयी   ,4470 संस्थाओं को द्वारा लाइसेंस बनवाने पड़े हैं और 8875 के लाइसेंस रोक लिए गये हैं उनकी खातो की जांच तक ….

आरोप लगाया गया हैं की  भारतीय सरकार के आदेशो के अनुसार भारत में Christian charity organisation Compassion International को ज़बरदस्ती बंद करा दिया गया था । इस को लेकर भारतीय पी  एम् से ज़बाब तलब हो सकता हैं ।

इसके साथ ही भारत में NGO के ऊपर सरकारी आदेशो और उन्हें बंद कराए जाने के निर्णय की चारो तरफ आलोचना हो रही हैं ।

सबकी निगाहें मुलाक़ात पर

यहाँ अभी पी एम् मोदी को सोमवार को अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलना बाकी हैं ।

US कांग्रेस मेन और चेयरमेन the House Foreign Affairs committee,के  Ed Royce, ने इन्डियन एक्सप्रेस को बताया हैं की इंडो यू.एस सम्बन्ध दोनों ही देशो के लिए ज़रूरी हैं लेकिन हमें आशा हैं की वो हमें सुनना पसंद करेंगे । हमारी चिंताए गैरसरकारी NGO को ले कर  हैं ,जो अन्तराष्ट्रीय स्तर पर लगभग एक लाख ४५ हज़ार बच्चो को कुपोषण ,से बचाने के लिए कार्य कर रहे थे । जिनको मोदी सरकार के बाद बंद कर दिया गया ,ख़ास तौर पर Compassion International को निशाना बनाया गया.

डेविड कर्रे  president and CEO of Open Doors USA, a global advocate for persecuted Christians, ने अपने एक लेख में लिखा हैं की  प्रधानमंत्री सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप से मिलेंगे हमारी निगाह रहेगी की अमेरिकन राष्ट्रपति इसाइयों और मुसलमानों पर हो रहे हमलो,साथ ही दुसरे धार्मिक अल्पसंख्यको पर हो रहे बर्बरता पूर्ण व्यवहार पर क्या वो भारतीय पी एम् से कोई सवाल करेंगे ?

भारत में उन सभी ओर्गेन्नाइजेशन को बंद कर दिया हैं जो बेसहारा बच्चो को शिक्षा ,स्वास्थ्य और उनके उपचार के लिए कार्य कर रहे थे ।  में गवाह हूँ किस तरह हिन्दुत्व के नाम पर चर्चो पर वहां हमले हुए.

रायस और मोदी की अभी कोई मुलाक़ात नहीं हो पायी हैं । सभी का फोकस इस मोदी और ट्रंप की पहली मुलाक़ात को ले कर हैं । इस वर्ष मार्च में ही रोयेस कपेशन सोसिटी सौ सदस्यों के साथ गढ़ मंत्री राजनाथ सिंह से मिल चुके हैं । जिसमे उन्होंने US-based charity Compassion International को इंडिया में उसका कार्य करने के लिए इजाजत माँगी हैं Compassion International को उसकी ५० साल की सेवाओं के बाद ज़बरदस्ती बंद करा दिया गया । जिसमे सबसे ज्याद प्रभाव सरकार की बेंक और फंडिंग पालिसी ने डाला मार्च में In March, Santiago Jimmy Mellado, CEO of Compassion International, के सी ई ओ जिमी मिलेदो ने लिखा हम इस समय कठिनाई के दौर में हैं ,भारत में इस सोसाइटी के साथ ऐसा होने से में अपने भावो को रोक नही पा रहा हूँ संवेदन शीलता से भरा हूँ ,सोच रहा हूँ हमारे काम का क्या होगा ?

जिसमे हम पूरे भारत में एक लाख ४५ ००० बछो के शिक्षा स्वास्थ्य और भूख के इए काम कर रहे थे ।

मोदी जी को एन जी ओ के सवाल पर घेरा जाए या न घेरा जाए ,इतनी किरकिरी देश की पहली बार हुई हैं ।

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