Gujrat Of sardaar And gandhiji (सरदार और गाँधी का गुजरात )

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पटेल समुदाय की रेली गुजरात के अहमदाबाद में और उसका नेत्रत्व एक युवक कर
रहा हैं नाम हैं हार्दिक पटेल आम तौर पर में ऐसे महत्वाकाक्षी नेताओं के बारे में
लिखना या चर्चा करना उनको चर्चित बनाता हैं और इन नेताओं का ज्यादा चर्चा में रहना
आने वाले समय में देश और समाज की राजनीति में गहरा प्रभाव छोड़ता हैं,जिस तरह से
अहमदावाद में जनसमर्थन जुटा और पाटीदार समाज के लोग आये कुछ अनिष्ट की आशंका को
जन्म दे रहे थे ।

पटेल समुदाय के लोग गुजरात में अधिकतर संपन्न वर्गों में शुमार होते हैं
,और अधिकतर गुजरात में इस समुदाय के लोगो ने समाज सेवा ,दान धर्म में अपना
महत्वपूर्ण योगदान दिया हैं चाहे ट्रस्ट के माध्यमो से जन कल्याण में अस्पताल
बनवाना हो या गरीबो के लिए हमेशा इस समुदाय ने अपना प्रशसनीय योगदान दिया हैं। आज
उसी समुदाय का युवक गुजरात में ताल ठोंक कर सीधे मोदीजी के गुजरात मॉडल के दावे की
हवा निका रहा था ,किसानो की बात कर रहा था, लंका जलाने की बात कर रहा था ,और कमल
को उखाड़ फेंकने की बात कर रहा था ,तो कही क्रांतिकारी बन जाने की धमकी चन्द्रशेखर
आज़ाद बनाने की बात कर रहा था आरक्षण न हुआ धनिया हो गया ?

कल देर रात तक मीडिया चेनलो को सुनता रहा हार्दिक की गिरफ्तारी हुई और
छोड़ भी दिया गया और जैसा मेरा अनुमान था सुन्योजित झडपे ,आगजनी की घटनाएं होने लगी
देखते देखते गुजरात के अधिकांश भाग इस लपट में झुलस गए । एक शांत गुजरात आज फिर
नफरत की आग में जल रहा था और कही अँधेरे में दूर चुपचाप डबडबाई आँखों को लिए गांधी
जी और सरदार पटेल की आत्मा पीड़ा से कराह उठी ।

क्या ये वो ही गुजरात हैं जहां शान्ति दूत और अहिंसा का सन्देश देने वाले
गाँधीजी ने जन्म लिया ?

क्या ये वो ही गुजरात हैं सरदार पटेल का “जिसके लोहे से इरादे ने छोटी
छोटी बंटी रियासतों को मिला कर भारत देश का निर्माण किया ?  आज गुजरात में आरक्षण के नाम पर देश के कुछ
नागरिको ने देश की नब्ज़ तेज़ कर दी थी।हार्दिक पटेल ने पता नहीं कौन सी लंका जलाने
की बात कही थी और गुजरात जल रहा हैं । मोदीजी को चुनौती देते हार्दिक ने ही कभी
केजरीवाल को गुजरात आने पर उनकी आगवानी की थी उनके केजरीवाल के साथ फोटो सोशल
मीडिया पर वायरल हो रहे थे ,दस साल पटेल समुदाय के समर्थन से मोदीजी  ने गुजरात पर शासन किया था ,आज वही ताल ठोकता
नज़र आ रहा था ,ये वही पटेल समुदाय था जिसके अमेरिका में नायक मोदीजी थे ,ये वही
पटेल समुदाय था जिन्होने मोदीजी को दिल खोल कर चुनावी चंदा और समर्थन दिया था ।इस
आग के पीछे का सच अभी कुछ संधिग्द और धुन्दला सा ज़रूर हैं पर ज़ल्दी ही सामने आने
वाला हैं । एक शाम पहले मिले संघ के लोगों की हार्दिक पटेल से क्या बात हुई उस पर
अभी तक पर्दा हैं जिसके कारण संदेह का दायरा बढ जाता हैं ।राजनीती में कुछ प्यादों
को जानबूझ कर शहीद कराया जा रहा हैं या कोई गहरा खेल जो अभी सामने आना वाकी हैं ?

“मंडल और कमंडल का खेल शुरू हो चूका हैं देशवासी पहले तय कर ले की वो
पहले हिदोस्तानी हैं या फिर जाट,अनुसूचित जाति,आदिवासी ,ब्राहमण, पटेल,वैश्य ,ठाकुर
,आदि आदि ?

 
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