Header Ads

कांग्रेस के कुछ नेता अनुशासन हीन और उत्पाती ? Delhi MCD Election



“हमें अपनों ने लूटा गैरो में कहाँ  दम था
अपनी किश्ती वहां डूबी जहाँ पानी कम था “


अरविंदर के बाद अब एक और मोहरे ने बरखा सिंह के रूप में अपना त्याग पत्र प्रस्तुत कर दिया ।

कांग्रेस को कमजोर कौन कर रहा हैं ?

 पार्टी के अन्दर लगता हैं साजिशो का दौर शुरू हो चूका हैं । सत्ता में सुख सुविधाओं का लाभ ले ले कर कुछ नेता अनुशासन हीन हो गए हैं । नगर निगम के चुनावों में टिकट के लिए अगर ये सब हो रहा हैं । तब स्वीकार करना होगा ,कि वरिष्ठ नेता उत्पाती हो गए हैं, तब उत्तर प्रदेश की तस्वीर तो और भयावह रही होगी टिकट वितरण के दौरान ?

पार्टी के लिए कभी कुछ ठीक ये नेता कर पाए अहित करने में कोई कसर नहीं छोडी ।

शत्रु से इतना खतरा नहीं होता जितना उनसे जिन पर विशवास किया जाता हैं । बरखा सिंह ने राहुल गांधीजी पर मीडिया में आ कर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए । 

लहरा लहरा कर राहुल गांधीजी की होटल संगरीला में खींची गयी फोटो को सार्वजनिक कर खुले आम कह रही थी, की राहुल गांधीजी ने उनकी शिकायत पर कोई एक्शन नहीं लिया ।

बरखा सिंह को शर्मिष्ठा का ज़बाब 

 पार्टी की इन कथित वफादार नेता का जबाब देने उतरी शर्मिष्ठा जी ने 

दिल्ली कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने कहा कि बरखा अपनी निजी शिकायतें निबटा रही हैं, तथा पार्टी हितों को ऐसे नाजुक समय में नुकसान पहुंचा रही हैं जब निगम चुनाव सिर पर हैं।

 शर्मिष्ठा ने कहा कि वह ‘‘वफादार सैनिक’’ नहीं हैं बल्कि पीठ पर छुरा मारने वाली ऐसी व्यक्ति हैं जो जानबूझकर इस नाजुक समय पर पार्टी को नुकसान पहुंचा रही हैं।

बरखा ने निगम चुनावों के लिए पार्टी के टिकट वितरण में महिलाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी कार्यकर्ताओं की आवाज दबायी जा रही है तथा उनकी शिकायतों को दूर नहीं किया जा रहा।

अब दिल्ली में सिफार्शियो की सिफारीशे  चल नहीं रही ,इस लिए कांग्रेस में अब सौ बुराई आ गयी हैं ।

दिल्ली के महिला प्रदेश अध्यक्ष ने पद से इस्तीफ़ा दिया ,किसी और पार्टी में नहीं गयी ,लेकिन वो सारे करम काण्ड सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी के विरोध में करा दिए जो भाजपाई सीधे तौर पर नहीं कर पाते ।

Must Read



Must Read




जब तक सत्ता थी तब तक मलाई का आनन्द लिया अब उनकी सिफारिश नही मानी जा रही तब चलो रायता फैलाए ।

अगर राहुल गाँधी नहीं मिले तब कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष से भी वो मुलाकात कर सकती थी ?

 ऐसा कौन सा कार्य था जिसका समाधान केवल राहुल जी के ही पास था ?

बरखा सिंह के आरोपों के बाद भाजपा समर्थको ने ट्विटर पर ट्रेंड चला डाला ।

बरखा सिंह जी एक भद्र महिला हैं उनके आक्रोश पर ज्यादा कुछ कहना गलत हैं ।
कांग्रेस की कथित वफादार नेता के कारण कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की फजीहत हुई ।

#CongressSeBetiBachao

नीचे कुछ ट्विट के नमूने हैं जो कल शाम चलाये जा रहे थे :-


Barkha Singh says Rahul didn't even care about Congress women who were on Navratra fast. So much hate for Hindu women? #CongressSeBetiBachao


NAMO SENA @ParveenHere  Rahul's dog walked into a meeting wid Assam Cong folks,ate biscuits meant for guests.Rahul played with it.Himanta said #CongressSeBetiBachao
Sweta_Entomon @sp_dash68 

Rahul Gandhi can’t manage party, needs treatment, says Barkha Singh; quits Congress
NAMO SENA @ParveenHere 

If you're a smart worker you won't stay in Cong for long because which smart guy wants to be led by Pappu? #CongressSeBetiBachao

ModiBrigade @Modi_Brigade 
All these people are leaving when Rahul is just VP, imagine if he becomes Cong President. Then it is #CongressSeBetiBachao only

जब दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन हैं ,तब ऐसा कौन सा कार्य था जो केवल और केवल राहुल गांधीजी  कर सकते थे ?

कुछ प्रश्न उठते हैं की अभी तक कितनी बार राहुल गांधीजी ने उनको मिलने का समय नहीं दिया ?

अंत में चलते चलते 


जिसे देखो वो हाथ में इस्तीफे की बन्दूक उठाये राहुल गांधीजी को निशाना बनाए हुए हैं । अधिकतर वही लोग हैं जिन पर सर्वाधिक विशवास किया गया । 

विश्वास  टूटा सब कुछ टूटा । जब ऐसे नेता पार्टी को छोड़ते हैं जिन्होंने पद के नाम पर सिर्फ औपचारिकता भर निभाई हो ।तब कार्यकर्ता का भरोसा टूटता नहीं और मज़बूत  हो जाता हैं ।

No comments