Header Ads

भारत को आँख दिखाता चीन China On Controversial Track Latest News






दलाई लामा को ले कर चीन और भारत में हमेशा तनाव रहा हैं। ये आज से नहीं तब से ही हैं जब से भारत ने धर्म गुरु दलाई लामा को भारत की शरण दी थी ।  चीन इस मसले पर कई बार भारत को चेतावनी देता रहा हैं । 


चीन को  अरुणाचल में दलाई लामा का आना वर्दाश्त नहीं होता । चीन ने 81 साल के तिब्बती नेता को एक खतरनाक अलगाववादी मानता  है , जो तिब्बत को चीन से दूर करना चाहता है ।दूसरी ओर  भारत ने एक ही बात कही हैं कि दलाई लामा के इस दौरे का मकसद धार्मिक एकता के मद्देनज़र था और इसका कोई राजनीतिक मतलब न निकाला जाए । 

तनाव का कारण 

भारत ने हमेशा इसी बात पर कायम हैं  कि चीन का भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है ।

चीन ने अरुणाचल प्रदेश के छह इलाकों के नाम बदलने के अपने फैसला लिया हैं ।  चीन ने कहा है कि ऐसा करना उसका 'कानूनी अधिकार' है. चीन का दावा है। 

वह नाम बदल सकता है ,क्योंकि इस राज्य का एक हिस्सा 'दक्षिणी तिब्बत' है. हालांकि भारत सालों से पड़ोसी देश के इस दावे को नकारता आ रहा है ।

 इस महीने दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर आपत्ति जताते हुए चीन के नागिरक मामलों के मंत्रालय ने इस क्षेत्र के छह इलाकों के चीनी नाम रखने का ऐलान कर दिया हैं । 


                         
 चीन आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और सर्च इंजनों पर चीनी शब्दों के प्रयोग करने के लिए भारत पर दबाव डालेगा, तो भारत और चीन के बीच तनाव और गहरा जायेगा । चीनी विदेश मंत्रालय ने साफ़ कहा है कि अगले कुछ दिनों में वह अरुणाचल प्रदेश के कुछ और इलाकों के नाम का एलान कर सकते हैं ।

विदेश नीती पर सवाल ?

ये वही जिन पिंग हैं जिनके साथ भारत के पी एम् झूला झूला खेलते गुजरात में नज़र आये थे । चीन ने दक्षिण तिब्बत में दमनकारी नीतिया चलाई ज़रूर लेकिन अन्तराष्ट्रीय दबाब जो भारत की विदेश कूटनीति की वज़ह से रहता था वो अब चीन पर कमजोर पड गया हैं । 

चीन सीमा पर भौकने लगा हैं पाक कश्मीर सीमा पर  पिल्लै की तरह रो रहा हैं । अमेरिका से भारतीय युवाओं से रोजगार छीना जा रहा हैं । 

Must Read


Must Read




आस्ट्रेलिया ने भी भारत के युवाओं को वर्क परमिट देने से मना कर दिया हैं । नयूजीलेंड में भी कमोवेश यही हालात बनते जा रहे हैं । मीडिया योगी युग और मोदी युग का विलाप मचाये हुए हैं ।

क्या यही मोदिमिक्स टाइप विदेश नीति हैं ?

चीन का व्यापार भारत में बड गया हैं और मोदीजी चीन में अपने बेंको का पैसा जमा करा आये थे  ।

‘कहाँ गयी आपकी कूटनीति अरे सूट नीति और प्रचार नीति से फुर्सत मिले तो बाकी चीजों को देख और समझ पाए ये सरकार चीन के बारे में मेने पहले भी लिखा हैं की यदि एशिया में उसका कोई आर्थिक और सैन्य प्रतिद्वंदी हैं ।



 तो बो भारत हैं भारत के विरुद्ध जा कर पाक और भूटान के साथ साथ अपने सम्बन्ध बढाने वाला चीन भारत के चारो तरफ से घेरने के मूड में हैं जिससे वो अपना अधिकार अरुणाचल पर ज़मा सके और इस गूंगी सरकार की तो चीन में डर के मारे घिघी बध गयी थी। 

चीन के नक़्शे में शामिल अरुणाचल के बारे में भी नहीं बोल पाया था चीन गया हुआ हमारा प्रतिनिधि मंडल ...

No comments